अयोध्‍या के धन्नीपुर में होगा मस्जिद का निर्माण

अयोध्‍या के धन्नीपुर में होगा मस्जिद का निर्माण

# इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ने एडीए को सौंपा नक्‍शा

लखनऊ/अयोध्या।
विजय आनंद वर्मा
तहलका 24×7
            इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ने सोहावल तहसील के धन्नीपुर राजस्व ग्राम में अपनी प्रस्तावित मस्जिद की ड्राइंग 11 सेट में सोमवार को अयोध्या विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष विशाल सिंह को सौंप दी। श्रीराम जन्मभूमि पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तहत जिला प्रशासन ने सोहावल तहसील के धन्नीपुर राजस्व ग्राम में पांच एकड़ भूमि सुन्नी वक्फ बोर्ड को उपलब्ध कराई है। प्राधिकरण उपाध्यक्ष के अनुसार ऑफ लाइन नक्शा आवेदन को अनुमोदन के लिए शासन भेजा जा रहा है। शासन से अनुमोदन के बाद ही मानचित्र स्वीकृति का शुल्क तय होगा। प्राधिकरण में नक्शा मंजूरी के लिए आवेदन करने की ऑनलाइन व्यवस्था है। ऑनलाइन आवेदन संभव न हो पाने से ट्रस्ट ने ऑफलाइन आवेदन किया है। अनुमोदन के लिए इसीलिए शासन भेजा जा रहा है।

ट्रस्टी कैप्टन अफजाल अहमद खान के अनुसार मानचित्र की स्वीकृति के लिए प्रोसेसिंग फीस 89 हजार रुपये भी जमा करा दी गयी है। मस्जिद का नक्शा बड़ा होने के कारण ऑनलाइन आवेदन संभव न होने से ट्रस्ट ने ऑफलाइन आवेदन किया है। आयकर विभाग से अभी इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन को 80G का टैक्स छूट प्रमाणपत्र जारी न किए जाने पर ट्रस्टी अफजाल ने नाराजगी जताई है। उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्रालय से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।

# ये होगी व्‍यवस्‍था…

इसमें 300 बेड का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, एक सामुदायिक रसोई जो रोजाना लगभग एक हजार लोगों को खिलाएगी, एक अनुसंधान केंद्र जो समर्पित है महान स्वतंत्रता सेनानी शहीद मौलवी अहमदुल्ला शाह के नाम और एक मस्जिद जो एक बार में दो हजार नमाजियों को समायोजित कर सकती है। उन्होंने बताया कि ग्यारह सेटों में नक्शे अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विशाल सिंह को सौंपे गए हैं। ट्रस्ट ने मानचित्र की स्वीकृति के लिए प्रोसेसिंग फीस के रूप में 89 हजार रुपये भी जमा करा दिए हैं।

ट्रस्टी कैप्टन अफजाल ने बताया कि परियोजना का नक्शा आकार में बड़ा है और सामान्य मानचित्रों से बहुत अलग है इसलिए इसे ऑनलाइन एप्लाई नहीं किया जा सका है, इसलिए अयोध्या विकास प्राधिकरण से मानचित्र को ऑफ़लाइन स्वीकृत करने का अनुरोध किया गया है। कैप्टन अफजाल ने आयकर विभाग द्वारा इंडो इस्लामिक कल्चरल फ़ाउंडेशन को 80G का टैक्स छूट प्रमाणपत्र जारी न करने पर भी गहरी चिंता व्यक्त की है, उन्होंने बताया इसके कारण ट्रस्ट के लिए दान रुका हुआ है और यह हमारी परियोजना को शुरू करने में बाधा बन रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार और वित्त मंत्रालय से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।
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