अल-कायदा के संदिग्ध आतंकियों की एटीएस को मिली 14 दिन की रिमांड

अल-कायदा के संदिग्ध आतंकियों की एटीएस को मिली 14 दिन की रिमांड

# अखिलेश बोले- एटीएस की कार्रवाई पर भरोसा नहीं…

# मायावती ने कहा- पुलिस अभी तक क्यों रही बेखबर?

# कानपुर से बिल्डर सहित कई लोग लिए गए हिरासत में

लखनऊ।
विजय आनंद वर्मा
तहलका 24×7
                एटीएस द्वारा राजधानी लखनऊ के दुबग्गा-फरीदीनगर से शुक्रवार को गिरफ्तार किए गए अल-कायदा के संदिग्ध आतंकियों मिनहाज व मसीरूद्दीन उर्फ मुशीर को स्पेशल एटीएस कोर्ट ने 14 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड में भेजने का आदेश दिया, इससे पहले कोर्ट ने दोनों को जुडीशियल कस्टडी में जेल भेजने का आदेश दिया था। आज सुबह 10 बजे से एटीएस की कस्टडी रिमांड पर दोनों आतंकी रहेंगे।
एटीएस ने इन दोनों को अत्यंत कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में कोर्ट में पेश किया था। इस बीच एटीएस की छापेमारी के दौरान मौके से भाग निकले इनके साथियों की तलाश में कई जिलों में छापेमारी की। बताया जा रहा है कि कानपुर में एटीएस की दो टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर कई संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है।
कहा जा रहा है कि पकड़े गए आतंकियों ने कानपुर से ही नए मोबाइल खरीदे थे। हिरासत में लिए गए लोगों में कानपुर शहर का एक बड़ा बिल्डर भी बताया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि चमनगंज निवासी बिल्डर का नाम वसी है। आतंकी कनेक्शन की आशंका के चलते उठाए गए बिल्डर को एटीएस अपने साथ लखनऊ ले गई है।
इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव एवं बसपा प्रमुख मायावती ने कथित आतंकियों की गिरफ्तारी पर बयान जारी कर सवाल भी उठा दिए हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कल इस संबंध में पत्रकारों द्वारा प्रतिक्रिया पूछे जाने पर कहा था कि एटीएस व पुलिस पर भरोसा नहीं किया जा सकता, वहीं बसपा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने ट्वीट कर कहा है कि यूपी पुलिस का लखनऊ में आतंकी साजिश का भंडाफोड़ करने व इस मामले में गिरफ्तार दो लोगों के तार अल-कायदा से जुड़े होने का दावा अगर सही है तो यह गंभीर मामला है और उचित कार्रवाई होनी चाहिए वरना इसकी आड़ में कोई राजनीतिक नहीं होनी चाहिए जिसकी आशंका व्यक्त की जा रही है।
                                तहलका 24×7 न्यूज़ में प्रकाशित खबर
मायावती ने अपने ट्वीट में यह भी लिखा है कि यूपी विधानसभा आम चुनाव के करीब आने पर ही इस प्रकार की कार्रवाई लोगों के मन में संदेह पैदा करती है अगर इस कार्रवाई के पीछे सच्चाई है तो पुलिस इतने दिनों तक क्यों बेखबर रही? यह वह सवाल है जो लोग पूछ रहे हैं। अतः सरकार ऐसी कोई कार्रवाई न करे जिससे जनता में बेचैनी और बढ़े।                                                                                                                                   
Previous articleजौनपुर : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोभी का डीएम ने किया औचक निरीक्षण
Next articleजौनपुर : यूबीआई शाखा पर लगा ग्रहण अरसे बाद हटा
तहलका24x7 की मुहिम... "सांसे हो रही है कम, आओ मिलकर पेड़ लगाएं हम" से जुड़े और पर्यावरण संतुलन के लिए एक पौधा अवश्य लगाएं..... 🙏