अल-कायदा के आतंकियों ने चंदौली समेत चार जिलों से खरीद था असलहा, सुरक्षा तंत्र पर उठे सवाल

अल-कायदा के आतंकियों ने चंदौली समेत चार जिलों से खरीद था असलहा, सुरक्षा तंत्र पर उठे सवाल

लखनऊ।
तहलका 24×7
              लखनऊ में पकड़े गए अल-कायदा समर्थित संगठन के आतंकियों ने एटीएस की पूछताछ में चार जिलों से कारतूस और असलहे खरीदने की बात कबूल की थी। इस बात का जिक्र एटीएस ने कोर्ट में दाखिल प्रार्थना पत्र में किया है। आतंकियों ने बताया कि वे कानपुर, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और चंदौली से असलहे और कारतूस खरीदे थे।

ऐसे में सवाल इस बात का है कि इसकी भनक जिला पुलिस से लेकर अन्य एजेंसियों को क्यों नहीं लग पाई है। आतंकियों को असलहा आपूर्ति के तार चंदौली से जुड़ने की बात सामने आने पर अब सुरक्षा तंत्र की कार्य प्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है।

# जिले में आईएसआई एजेंट के रूप में पकड़ा जा चुका है राशिद

मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के चौरहट गांव से दो वर्ष पूर्व आर्मी इंटेलिजेंस और एटीएस की संयुक्त टीम राशिद को आईएसआई एजेंट के रूप में गिरफ्तार किया था। वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के लिए रेकी करता था। इसके बाद से जिले में आतंकियों संगठनों के समर्थकों की पनाहगाह होने की सुगबुगाहट तेज हो गई थी। वहीं हाल ही में पकड़े आतंकी समर्थकों द्वारा असलहों की खरीद में चंदौली का नाम सामने आने के बाद से मामला और अधिक गंभीर हो गया है।

# पीडीडीयू नगर में ट्रेन से कई बार पकड़ी जा चुकी है असलहे की खेप

पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (पीडीडीयू नगर) से गुजरने वाली ट्रेनों से जीआरपी कई बार असलहों की खेप पकड़ चुकी है। जीआरपी अब तक 44 पिस्टल और तीन तमंचा बरामद कर चुकी है। अधिकतर असलहों की आपूर्ति मुंगेर से होती थी जो ट्रेन से कानपुर, मुरादाबाद समेत अन्य शहरों में भेजे जाते थे। इस बात की आशंका जताई जा रही है कि रेलवे स्टेशन पर पुलिस की सख्ती के बाद असलहा तस्करों ने सड़क मार्ग पकड़ लिया हो। जनपद स्थित नौबतपुर बिहार बार्डर से सटा होने के कारण यहां से प्रदेश की सीमा में प्रवेश करना आसान है।
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