आजमगढ़ में उफनाई तमसा, डीएम और एसपी आवास का रास्ता बंद

आजमगढ़ में उफनाई तमसा, डीएम और एसपी आवास का रास्ता बंद

# पानी के तेज बहाव के चलते ढह गई पुलिया

आजमगढ़।
फैज़ान अहमद
तहलका 24×7
              तमसा नदी के घटते-बढ़ते जलस्तर ने तबाही मचाना शुरू कर दिया है। शनिवार को हरवंशपुर स्थित पुलिया ढह कर तमसा के पानी में समा गई। जिससे डीएम-एसपी आवास जाने वाला रास्ता बंद हो गया है। डीएम के निर्देश पर पुलिस कर्मियों की मौके पर ड्यूटी लगा दी गई है।शहर के हरवंशपुर तिराहे से निजामाबाद जाने वाले मार्ग पर स्थित पुलिया का आधा हिस्सा शनिवार को उफनाई तमसा में समाहित हो गया।

पुलिया जहां आधा ध्वस्त हो चुका है तो वहीं शेष हिस्से में भी दरार देखने को मिल रही है। जिसके चलते जिलाधिकारी राजेश कुमार के निर्देश पर उक्त पुलिया से आवागमन पूरी तरह से बैरिकेडिंग कर अवरूद्ध कर दिया गया है। वहीं कुछ पुलिस कर्मियों की भी मौके पर ड्यूटी लगा दी गई है। इस पुलिया के ध्वस्त हो जाने से जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक व सीएमओ आवास जाने का रास्ता पूरी तरह से अवरूद्ध हो गया है। अगर तमसा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी से पूरी पुलिया ध्वस्त हो गई तो हरवंशपुर क्षेत्र की बड़ी आबादी प्रभावित होगी।

आवागमन बाधित होने से हरवंशपुर तिराहे पर वाहनों का जाम लग गया है, जिसे दूसरे रास्तों से रवाना से गंतव्य भेजने की कवायद में पुलिस कर्मी जुटे हुए है। पुलिया के आधे हिस्से के ध्वस्त होते ही देखने वालों की मौके पर भारी भीड़ उमड़ गई है। एक सप्ताह पूर्व हुई बारिश की वजह से तमसा नदी उफान पर है। इससे शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक  लोगों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। तमसा की बाढ़ ने निजामाबाद नगर पंचायत के तिग्गीपुर मुहल्ला और सालेपुर गांव को अपनी जद में ले लिया है। रानी की सराय की तरफ जाने वाले मार्ग पर भी पानी एक फुट पानी चढ़ गया है। इसी मार्ग से स्कूली बसें जाती हैं, जिनका मार्ग परिवर्तन नहीं किया गया है। बाढ़ में डूबे घरों की एहतियातन विद्युत आपूर्ति ठप्प कर दी गयी है।

बिजली गुल होने के कारण उमस भरी गर्मी में लोग परेशान हैं। पेयजल की भी समस्या पैदा हो गई है। रोजमर्रा की वस्तुओं के लोगों को मजबूरी में पानी से होकर जाना पड़ रहा है। इस इलाके ज्यादातर लोगों के शौचालय घर से बाहर हैं, जो पानी में डूब गए हैं। तिग्गीपुर के निचले इलाके में बसे सोनकर, प्रजापति और कुछ यादव परिवार जल स्तर बढ़ने के नाते मकान के ऊपरी हिस्से में रह रहे हैं। जिसकी सुधि लेने के लिए अब तक कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा जिससे लोगों में नाराजगी व्याप्त है।  
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