इंडिगो मैनेजर रूपेश हत्याकांड का चौथा अभियुक्त 7 महीने बाद गिरफ्तार

इंडिगो मैनेजर रूपेश हत्याकांड का चौथा अभियुक्त 7 महीने बाद गिरफ्तार

# दिल्ली, हरिद्वार से लेकर पश्चिम बंगाल तक छुपता फिर रहा था

# 3 आरोपियों के खिलाफ दाखिल हो चुकी है चार्जशीट

लखनऊ/पटना।
विजय आनंद वर्मा
तहलका 24×7
              बिहार की राजधानी पटना के चर्चित इंडिगो मैनेजर रूपेश सिंह हत्याकांड के 7 महीने बाद फरार चल रहे चौथे मुख्य अभियुक्त आर्यन जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। पटना में वह अपनी बहन से मिलने उसके बाईपास स्थित घर जा रहा था। पुलिस टीम पहले से ही उसके मूवमेंट को खंगाल रही थी।शास्त्रीनगर थाने में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एसएसपी उपेंद्र कुमार शर्मा ने यह जानकारी दी।
                   “तहलका 24×7” पर 13 जनवरी को चली खबर
रूपेश को गोली मारने वाले ऋतुराज सिंह को पटना पुलिस ने सबसे पहले पकड़ा था। फिर 70 दिन बाद सौरभ को और फिर पुलिस के बढ़ते दबाव की वजह से तीसरे अभियुक्त छोटू ने कोर्ट में खुद को सरेंडर कर दिया था। लेकिन बख्तियारपुर के पास सालिमपुर इलाके का रहने वाला आर्यन जायसवाल अभी तक फरार चल रहा था। कभी वेस्ट बंगाल, कभी दिल्ली तो कभी हरिद्वार में अपना ठिकाना बदल-बदल कर रह रहा था।

लगातार फरार रहने की वजह से 13 जून को पुलिस ने उसके घर की संपत्ति की कुर्की भी की थी। एसएसपी ने कहा कि इस ब्लाइंड केस को ट्रेस करना काफी कठिन था, बावजूद इसके उनकी टीम ने इसे पूरा किया। जेल में बंद तीनों मुख्य अभियुक्तों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। अब जल्द आर्यन के खिलाफ भी कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जाएगी। साथ ही इस चर्चित हाईप्रोफाइल मर्डर केस का स्पीडी ट्रायल कराया जाएगा, ताकि ऋतुराज समेत सभी अभियुक्तों को जल्द से जल्द सजा मिल सके। तीन के खिलाफ 300 पन्ने की चार्जशीट जमा कर चुकी पुलिस
                        इंडिगो मैनेजर रूपेश की फाइल फोटो
पुलिस द्वारा कोर्ट में दाखिल करीब 300 पन्ने की चार्जशीट से इस बात का खुलासा हुआ कि ऋतुराज को रूपेश की हत्या करने से पहले जमीन कब्जा करना था। वह अपने दोस्त साकेत भूषण से इसके लिए 10 लाख रुपए भी ले चुका था। साकेत भूषण के लिए ही उसे परशुराम काॅलोनी में जमीन कब्जा करना था। 12 जनवरी को घटना से पहले चारों अलका काॅलोनी स्थित साकेत भूषण के आवास पर भी गए थे। अपार्टमेंट के नीचे ही रूपेश को गोलियों से भून दिया गया था। रूपेश 12 जनवरी की देर शाम एयरपोर्ट से अपनी कार से पुनाईचक स्थित कुसुम विलास अपार्टमेंट पहुंचे थे। उनका पीछा करते दो बाइक से पहुंचे चार अपराधियों ने उनपर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी।
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