इंदौर के इस गांव में नहीं गलती किसी की दाल, पानी को दूध में डालने पर फट जाता है दूध

इंदौर के इस गांव में नहीं गलती किसी की दाल, पानी को दूध में डालने पर फट जाता है दूध

# ग्रामीणों की व्‍यथा- डेढ़ से दो किमी दूर से लाते हैं पीने का पानी

इंदौर।
स्पेशल डेस्क
तहलका 24×7
                  इंदौर के कमेड़ी गांव में रहने वाले लोग पीने के लिए स्‍वच्‍छ जल भी नहीं मिल पा रहा है। यहां उद्योगों द्वारा भूजल दूषित हो रहा है। जिसकी वजह से गांव के नलकूपों और हैंडपंप में लाल रंग का पानी आ रहा है। गांव के लिए पीने के पानी के लिए भी मोहताज हैं। पीने के पानी के लिए ये लोग टैंकरों पर निर्भर रहते हैं या डेढ़ से तीन किलोमीटर दूर पानी लाने को मजबूर हैं। गांव में रहने वाली एक महिला कलावती ने बताया कि गांव में नलकूपों से जो पानी आ रहा है, वो पीने योग्य नहीं है। पानी में इतनी कठोरता है कि दूध में मिला दो तो दूध ही फट जाता है, इस पानी में दाल बनाओं तो दाल गलती ही नहीं है। गांव वाले इस पानी का उपयोग केवल नहाने व साफ सफाई के काम के लिए करते हैं।

# ग्रामीणों की व्‍यथा- डेढ़ से दो किमी दूर से लाते हैं पीने का पानी

इसी गांव में रहने वाले अमृतबाई चौधरी ने ग्रामीणों की व्‍यथा सुनाते हुए कहा क‍ि नलकूप का पानी पीने योग्‍य नहीं है इसलिए डेढ़ से दो किलोमीटर दूर से पीने का पानी लाना पड़ता है। इस पानी से चाय बनाओं तो भी दूध फट जाता है। दाल भी नहीं गल पाती। हैंडपंपों में भी लाल रंग का पानी निकलता है। जिसकी वजह से कोई भी इस पानी का इस्‍तेमाल नहीं करता है। घरों में जो नलकूप बने हुए हैं उनका पानी भी खराब है। लोग इस पानी से कपड़े धोते हैं और नहाने में प्रयोग करते हैं लेकिन इससे भी त्‍वचा रोग हो रहे हैं।

यहां स्थित संजीवनी क्‍लीनिक में हर माह 60 से 70 लोग पेट के रोग, उल्‍टी व दस्‍त की शिकायत लेकर आते हैं। इसके अलावा त्‍वचा रोग जैसे खुजली व लालपन जैसी परेशानी का भी लोग सामना कर रहे हैं। डॉक्‍टर लोगों को गर्म पानी का उपयोग करने व गर्म पानी से ही नहाने की सलाह दे रहे हैं। दूषित जल की वजह से लोगों को ये परेशानियां हो रही हैं। जल प्रबंधन विशेषज्ञ सुधीन्द्र मोहन शर्मा का कहना है कुमेड़ी गांव निवासी नलकूपों के पानी का उपयोग पीने व घरेलू उपयोग के नहीं कर पा रहे हैं। यहां की 650 एकड़ जमीन का पानी दूषित हो चुका है। इसकी वजह से पीने का पानी काफी दूर से लाना पड़ता है। बहुत से घरों में आरओ लगे हैं। लोगों की परेशानी को देखते हुए पास के क्षेत्रों से यहां शुद्ध पानी पहुंचाने की व्‍यवस्‍था करनी चाहिए या नर्मदा पाइप लाइन गांव तक उपलब्‍ध करवानी चाहिए।

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