इमाम हुसैन की बरसी पर मजलिस-ए-बरसी का हुआ आयोजन

इमाम हुसैन की बरसी पर मजलिस-ए-बरसी का हुआ आयोजन

शाहगंज।
राजकुमार अश्क
तहलका 24×7
              नगर के भादी मुहल्ले में सैय्यद इमाम हुसैन की बरसी पर एक मजलिस का आयोजन किया गया जिसमें मुजफ्फरनगर से आए शिया धर्म गुरु मौलाना सैय्यद मोहम्मद हुसैन हुसैनी ने मजलिस को खिताब करते हुए कहा कि इमाम हुसैन अ0स0 नवासये रसूल ने फरमाया है कि जिल्लत की जिंदगी जीने से बेहतर है इज़्ज़त की मौत… कर्बला के मैदान-ए-जंग में 10वीं मोहर्रम को शहीद हुए 71 साथियों को तमाम तरह की तकलीफों से गुजरना पड़ा।मोहर्रम की 3 तारीख़ से ही ख्यामे हुसैनी में पानी बंद कर दिया गया, जालमींन ने जुल्म की सारी इंतहा की हदें पार कर दी थी. धर्मगुरु द्वारा ये सारे मसायब सुन कर लोग जा़र जा़र रोते हुए या हुसैन, या हुसैन की आवाज बुलंद करने लगे।

मजलिस की शुरुआत मुख्तार अब्बास व हमनवा नेजा़मत हुसैन, हुसैन अब्बास भादवी ने की। पेशखवानी ज़फर आज़मी, शमीम हुमायूपुरी, हसीन भादवी, मौलाना जिताने हैदर खां आदि लोग भी उपस्थित रहे।वहीं मजलिस एवं बरसी के मौके पर खनुआई गांव में भी एक मजलिस का आयोजन किया गया जिसमें बेरूनी अंजुमन, मोकामी अंजुमन ने नौहा व मातम करके मोहम्मद के नवासे को पुरसा दिया, मिनजानिब अंजुमन अलमदारिया के सेक्रेटरी सैय्यद आसि़फ हुसैन, फसाहत रिजवी राजिश खान, अम्भार फरा़ज, सैय्यद रजा़, इम्तेयाज़ खां ने सभी जायरीनों का शुक्रिया अदा किया।