उन्नाव पुलिस की प्रताड़ना से परेशान थे अपर मुख्य सचिव के निजी सचिव विशम्भर दयाल…

उन्नाव पुलिस की प्रताड़ना से परेशान थे अपर मुख्य सचिव के निजी सचिव विशम्भर दयाल…

# बापू भवन सचिवालय के आफिस में खुद को लाइसेंसी रिवाल्वर से मार ली गोली

# हालत गंभीर, मामले की जांच आईजी को सौंपी गई

लखनऊ।
विजय आनंद वर्मा
तहलका 24×7
             अपर मुख्य सचिव नगर विकास रजनीश दुबे के निजी सचिव विशंभर दयाल द्वारा सोमवार को दिन में बापू भवन सचिवालय की बिल्डिंग की आठवीं मंजिल में अपने आफिस के कक्ष में लाइसेंसी रिवाल्वर से खुद को गोली मारे जाने के मामले में यह बात निकलकर सामने आ रही है कि निजी सचिव ने उन्नाव के असोहा थाने की पुलिस द्वारा परेशान किए जाने के चलते यह कदम उठाया। निजी सचिव विशंभर दयाल को उन्नाव पुलिस द्वारा परेशान किए जाने की मामले की जांच लखनऊ परिक्षेत्र की आईजी लक्ष्मी सिंह को सौंपी गई है। खबर लिखे जाने तक अस्पताल में भर्ती निजी सचिव की हालत गंभीर बनी हुई है, बताया जा रहा है कि गोली विशंभर दयाल के सिर एवं कनपटी के बीच फंसी है।
खुद को गोली मारने वाले विशंभर दयाल
पुलिस ने देर शाम इस बात की पुष्टि की कि विशंभर के आफिस से पुलिस को एक कागज पर लिखा नोट मिला है, जिसमें उन्होने उन्नाव पुलिस द्वारा की जा रही प्रताड़ना का जिक्र किया है। अपर मुख्य सचिव नगर विकास रजनीश दुबे के निजी सचिव विशंभर दयाल ने सोमवार की दोपहर बापू भवन में अपने कार्यालय में पहुंच कर खुद को गोली मार ली। छुट्टी के दिन विशंभर दोपहर में बापू भवन के आठवें तल पर स्थित अपने दफ्तर पहुंचे। दोपहर लगभग पौने दो बजे अपने कार्यालय को अंदर से बंद कर उन्होने खुद को गोली मार ली। गोली की आवाज सुनकर आस-पास के लोग आफिस में मौजूद अधिकारी व कर्मचारी भी बाहर आ गए। किसी तरह से दरवाजा तोड़कर विशंभर को निकाला गया।
विशंभर दयाल पिछले लगभग नौ साल से रजनीश दुबे के साथ ही काम कर रहे हैं। रजनीश दुबे इस दौरान जिन-जिन विभागों में रहे हैं विशंभर वहां-वहां उनके साथ रहे हैं। आठवें तल पर मौजूद सचिवालय के सुरक्षा कर्मियों से भी पुलिस द्वारा पूछताछ की गई है। डीसीपी (मध्य) ख्याति गर्ग के अनुसार पुलिस को विशंभर दयाल के कार्यालय से एक कागज पर लिखा जो नोट मिला है, इसमें उन्होने अपनी बहन के विवाद का जिक्र किया है जिसका मुकदमा उन्नाव के औरास थाने में दर्ज है। विशंभर के बहन के ससुराल पक्ष की ओर से भी एक मुकदमा उसी थाने में दर्ज है, जिसमें विशंभर को भी आरोपी बनाया गया। इसी मुकदमे को लेकर औरास थाने की पुलिस पर विशंभर को परेशान करने का पत्र में उल्लेख है। विशंभर दयाल द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच लखनऊ रेंज की आईजी लक्ष्मी सिंह को दे दी गई है।
                             फिर उठे सचिवालय की सुरक्षा पर सवाल

सचिवालय की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल…

सचिवालय कर्मी द्वारा असलहा लेकर सचिवालय में जाने और खुद को गोली मारने की घटना के बाद एक बार फिर सचिवालय की सुरक्षा पर सवाल उठ खड़े हुए हैं। छुट्टी के दिन सचिवालय का एक ही गेट खुला होता है, वहां भी सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त न होना सचिवालय के सुरक्षा कर्मियों की लापरवाही दर्शाता है। वहीं सूत्रों का कहना है कि विशंभर छुट्टी के दिन आफिस पहुंचे और व्यवस्थाधिकारी से कार्यालय खुलवाने की बात कही। व्यवस्थाधिकारी ने विशंभर दयाल का कक्ष खोलने के लिए लिखित में प्रार्थना पत्र मांगा। लिखित में प्रार्थना पत्र मिलने के बाद ही कार्यालय को खोला गया था। 
सचिवालय की सुरक्षा के लिए अलग सुरक्षा बल है। यहां अभी तक जिलाजीत चौधरी मुख्य सुरक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी निभा रहे थे। हाल ही में उनका स्थानांतरण दूसरी जगह हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि आमतौर पर उनकी चेकिंग ही नहीं की जाती जो रोज सचिवालय में आते जाते हैं। अब ऐसे अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की बात कही जा रही है। पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने बताया कि सचिवालय की सुरक्षा की जिम्मेदारी सचिवालय सुरक्षा बल की है।
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