एलजेपी अध्यक्ष बने पशुपति पारस बोले, भतीजा तानाशाह हो जाए तो चाचा क्या करेगा?

एलजेपी अध्यक्ष बने पशुपति पारस बोले, भतीजा तानाशाह हो जाए तो चाचा क्या करेगा?

पटना(बिहार)
तहलका 24×7
             एलजेपी का अध्यक्ष बनने के बाद पशुपति पारस ने पहली ही प्रेस कांफ्रेंस में भतीजे चिराग पासवान पर जोरदार हमला बोला। पूर्व सांसद सूरजभान के आवास पर हुई बैठक में अध्यक्ष चुने जाने के बाद पारस पार्टी कार्यालय पहुंचे। जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। पार्टी में प्रजातंत्र के सवाल पर खींझते हुए पारस ने कहा कि भतीजा तानाशाह हो जाए तो चाचा क्या करेगा। यह प्रजातंत्र है कोई आजीवन अध्यक्ष नहीं रह सकता। हमारी पार्टी का जो संविधान है, उसमें प्रत्येक 2-3 वर्ष में अध्यक्ष का चुनाव होना है।

पारस ने अपने निर्वाचन को लेकर बात करते हुए कहा कि पार्टी में उनका कोई विरोध नहीं है। अगर ऐसा होता तो वह निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित नहीं होते। पारस ने कहा कि उनके अलावा किसी अन्य ने नामांकन ही नहीं दाखिल किया। ऐसे में उन्हें निर्विरोध चुना गया है। पारस ने कहा कि बड़े भाई रामविलास का सपना था कि समाज के पिछड़े हुए लोगों के कल्याण के लिए काम होना चाहिए। उसी को ध्यान रखते हुए उन्होंने पार्टी का गठन किया था। उन्हीं के नक्शेकदम पर चलकर हम लोग पार्टी को आगे बढ़ाएंगे। समाज के निचले पायदान पर खड़े लोगों को आगे बढ़ाएंगे।

पारस ने कहा कि जो लोग भी पार्टी छोड़कर चले गए हैं, उनसे आग्रह है कि पार्टी को मजबूत करने के लिए वापस आएं। किसी से कोई विरोध नहीं है और न ही मतभेद है। जो साथी दुखी होकर दूसरे पार्टी में गए हैं, वो वापस आएं। मैं माफी मांगता हूं उनसे। वो वापस आए और साथ दें। उन्होंने यह भी कहा कि सामाजिक न्याय के तहत पार्टी को आगे बढ़ाएंगे।

दलित सेना के अध्यक्ष पद पर रहने के सवाल पर पारस ने कहा कि दलित सेना अलग संस्था है, जिस दिन मंत्री पद लूंगा, उस दिन संसदीय दल के अध्यक्ष का पद छोड़ दूंगा। उन्होंने कहा कि चुनाव का काम सम्पन्न हो गया है। मेरे दल के लोगों ने मुझे बहुत बड़ी जिम्मेदारी दी है।
एक साथ 4 पद पर खुद काबिज होने के सवाल पर पारस भड़क गए और अन्य सवालों का जवाब दिये उठ गए। इससे पहले चिराग पासवान को बेदखल कर चाचा पशुपति कुमार पारस लोजपा के अध्यक्ष चुन लिये गए। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में उनके निर्वाचन पर मुहर लगा दी गई। पूर्व सांसद सूरजभान सिंह के निजी आवास पर बैठक का आयोजन हुआ। इस दौरान चंदन, वीना और कैसर जैसे नेता नजर आए लेकिन प्रिंस राज नहीं पहुंचे।
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