कैंसर पीड़ित पिता हुए कोरोना संक्रमित, फिर भी करते रहे जिले की सेवा- डीएम जौनपुर

कैंसर पीड़ित पिता हुए कोरोना संक्रमित, फिर भी करते रहे जिले की सेवा- डीएम जौनपुर

# लाइमलाईट से दूर रहने वाले डीएम ने पेश किया कर्तव्यपरायणता की अनूठी मिसाल

जौनपुर।
विश्व प्रकाश श्रीवास्तव
तहलका 24×7
                 कोरोना संक्रमण का असर अब कम पड़ने लगा है। ऑक्सीजन-बेड के लिए अब मारामारी नहीं है। मौत का आंकड़ा थम गया है। एक्टिव केस भी घटे हैं। रिकवरी रेट 95 फीसदी से अधिक हो चुकी है। इससे ठीक एक माह पहले हालात विकट थे। हर कोई डरा-सहमा था। महामारी कब-किसे ग्रास बना लेगी, इसकी चिंता सबके चेहरे पर थी। इस विपरीत हालात में भी कुछ कर्मयोगी ऐसे रहे, जो अपनों की चिंता छोड़कर पूरी शिद्दत से कर्तव्य पथ पर डटे रहे उनके प्रयासों की ही देन है कि आज हालात काबू में हैं।
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के डीएम मनीष कुमार वर्मा भी उनमें से एक हैं जिन्होंने कैंसर से पीड़ित पिता और मासूम बच्चों से दूरी बनाते हुए कोविड काल में अपनी पूरी जिम्मेदारी निभाई। न सिर्फ दूसरी लहर को नियंत्रित किया, बल्कि तीसरी लहर से निपटने के लिए भी स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाया है।
दूसरी लहर से पहले जौनपुर जिले में बेड और ऑक्सीजन की उपलब्धता सीमित थी। मंडल में जौनपुर वह जिला था, जहां पंचायत चुनाव सबसे पहले थे। ठीक इसी वक्त कोरोना के मामले भी तेजी से बढ़े। दोहरी चुनौतियों से जूझते डीएम दिन-रात दौड़-भाग करते रहे। इस बीच कैंसर से पीड़ित पिता भी संक्रमित हो गए। दिन भर गांव-गांव घूमना, संभावित मरीजों के बीच जाना और फिर घर आकर परिवार की देखभाल करना चुनौतीपूर्ण हो गया था।
डीएम मनीष कुमार वर्मा बताते हैं कि चुनाव के बाद के 15-20 दिन काफी मुश्किल भरे थे। 100 सौ बेड का एक अस्पताल चल रहा था, जिसमें अधिकांश बेड भर चुके थे। चंदौली से आने वाली ऑक्सीजन की सप्लाई भी नियमित नहीं थी। दिन-रात लोगों के फोन मदद के लिए आते रहते थे। डॉक्टर-कर्मचारियों समेत हर अधिकारी-कर्मचारी ने इस आपदा काल में अपना पूरा योगदान दिया।
आमजन का भी भरपूर सहयोग मिला, जिससे काफी राहत मिली। प्रधानमंत्री के टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट के मंत्र पर काम करते हुए गांवों में निगरानी, सैंपलिंग, दवा का वितरण कराया गया। इसके बेहतर परिणाम मिले। तीसरी लहर के लिए भी हम काफी हद तक तैयारी कर चुके हैं। पीआईसीयू, एनआईसीयू वार्ड तैयार हो रहा है। जिला अस्पताल समेत प्रमुख सीएचसी पर ऑक्सीजन प्लांट लग रहे हैं संसाधनों की अब कमी नहीं होगी।
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