गुड फ्राइडे और इस्टर पर तहलका 24×7 विशेष

गुड फ्राइडे और इस्टर पर तहलका 24×7 विशेष

# रवि शंकर वर्मा एवं राजकुमार अश्क की स्पेशल रिपोर्ट

स्पेशल डेस्क।
विचारमंथन
तहलका 24×7
                 तहलका 24×7 के सभी सुधी पाठकों को सर्वप्रथम इस्टर की हार्दिक बधाई.. हमारा देश भारत एक धर्म निरपेक्ष देश है शायद यही एक ऐसा देश है जहाँ सभी धर्मों, समुदायों के लोग एक साथ मिल जुल कर सभी त्योहारों को मनाते हैं। फिर वह त्योहार चाहे हिन्दू का हो, मुसलमान का हो, इसाई का या फिर सिख, बौद्ध पारसी या जैन का… सभी को अपनी आस्था के अनुसार पूरी स्वतंत्रता हमारा संविधान देता है कि आप अपने त्योहार को मनाएं। शर्त सिर्फ एक होती है कि आपके द्वारा कोई भी ऐसा कृत्य न किया जाए जिससे किसी दूसरे धर्म की आस्था को चोट पहुंचें या उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हो..

तो आइए आज हम आपको इसाई धर्म से जुड़े एक ऐसे विशेष त्योहार की जानकारी देते हैं जिसमें गमी के साथ साथ खुशी भी है। वैसे तो सभी धर्मों की भांति ईसाई धर्म में भी अनेक त्योहार मनाने की परम्परा प्राचीन काल से ही है जैसे प्रभु यीशु का जन्म दिन, इस्टर, गुड फ्राइडे आदि मगर एक ऐसा दिन जो दु:ख के बाद खुशी भी देता है वह है इस्टर… इसाई धर्म की मान्यता के अनुसार प्रभु यीशु अपने बाल्यकाल से ही बहुत प्रतिभाशाली एवं मिलनसार प्रवृत्ति के थे जो भी उनके सम्पर्क में आता प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकता था।जब वे बचपन की दहलीज पार कर अपनी शिक्षा दीक्षा पूरी करके अपने युवावस्था में कदम रखें तो उन्होंने देखा कि उनके समाज में अनेक प्रकार की कुरीतियां व्याप्त है।

जो मानवता के लिए आने वाले समय में बहुत ही घातक सिद्ध हो सकती थी इसलिए उन्होंने लोगों को उन बुराईयों से दूर, ईश्वर के सानिध्य में ले जाने का प्रयास किया उस समय के यहुदियों के धर्म गुरुओं (रब्बियो) को उनकी यह बातें अच्छी नहीं लगती थीं, वे चाहते थे कि लोग इन बुराईयों से दूर न हो, उनमें विलासिता रूढ़िवादिता, अज्ञानता बनी रहे इसलिए उन्होंने उनका विरोध करना शुरू कर दिया, उनमें ईसा के अन्दर मसीह (भगवान) जैसे कुछ भी गुण नजर नहीं आते थे जबकि ईसा मसीह अपने आप को ईश्वर का पुत्र बताते थे इसलिए धर्म गुरुओं ने उनकी शिकायत उस समय के रोम के गवर्नर पिलातुस से करनी शुरू कर दी। रोमनों को हमेशा यहुदियों के बगावत का डर सताता रहता था इसलिए पिलातुस ने उन्हें खुश करने के लिए ईसा मसीह को सुली पर चढ़ाने का फरमान जारी कर दिया

# गुड फ्राइडे

गुड फ्राइडे को पवित्र शुक्रवार, (Holy Friday) ब्लैक फ्राइडे, ग्रेट फ्राइडे आदि नामों से भी जाना जाता है यहीं वह दिन था जिस दिन ईश्वर के पुत्र ईसा मसीह को पिलातुस की आज्ञा से सूली पर चढ़ाया गया था। सूली पर चढ़ाने से पहले ईसा मसीह को अनेक प्रकार की शारीरिक यातनाएं दी गई थी उन्हें कोड़ों से मारा गया, उनके ऊपर थूका गया, उनके सिर पर कांटों का ताज पहनाया गया यहां तक कि उन्हें जिस क्रुस पर लटकाना था उसे भी उन्हें ही अपनी पीठ पर लाद कर उस टीले तक ले जाना पड़ा था जहां उन्हें मृत्यु दण्ड देना था। उस स्थान का नाम गोलगोथा था क्रुस ले जाते समय वे कईं बार गिरे भी थें जिस पर उन्हें कोड़ों से मारा गया था। अन्त में उन्हें तथा दो अन्य उनके अनुयायियों सहित क्रुस पर उनकें हाथों तथा पैरों में कीले ठोक कर मृत्यु दण्ड दिया गया।

जिस समय उन्हें क्रुस पर चढ़ाया जा रहा था उस वक्त भी उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की थी “हे ईश्वर इन्हें क्षमा कर देना ये खुद नहीं जानते हैं कि ये क्या कर रहे हैं” ईसा मसीह सूली पर छ: घण्टे तक लटके रहे, आखिरी के तीन घंटे में पूरे राज्य में अंधेरा छा गया था।फिर अचानक एक चीख गुजी और ईसा मसीह ने अपने प्राण त्याग दिए। जिस समय उन्होंने अपने प्राण त्यागे थें उस समय एक जलजला आया था और कब्र के कपाट अपने आप खुल गयें थे तथा पवित्र मंदिर के पर्दे अपने आप नीचे तक फटते चले गये थे इसलिए लोग इस दिन दोपहर के समय लगभग तीन बजे गिरजाघर में एकत्र होकर प्रार्थना करते हैं मगर किसी प्रकार का उत्सव नहीं मनाया जाता है। इस दिन चर्च का घण्टा भी नहीं बजाया जाता है बल्कि लकड़ी का बना हुआ एक विशेष प्रकार की चीज होती है जिसे बजाया जाता है। ईसाई धर्म ग्रन्थों से इसकी जानकारी मिलती है कि जिस दिन प्रभु यीशु को सूली पर लटकाया गया था उस दिन शुक्रवार था।

# इस्टर

ईसाई धर्म ग्रन्थ बाइबिल के अनुसार शुक्रवार को ईसा मसीह को सुली पर लटकाने के पश्चात वे तीसरे दिन यानि संडे (रविवार) को पुनः जीवित हो गयें थे, इसी खुशी में इसे इस्टर संडे के रूप में मनाने की परम्परा है। इस दिन खास तरह का भोज्य पदार्थ बनाया जाता है जिसमें अण्डे का प्रयोग होता है अण्डा इस्टर का सबसे प्रमुख हैं इसे इस्टर एग के नाम से भी जाना जाता है। लोग जब एक दूसरे से मिलतें है तो इस एग को उपहार के रूप में अवश्य देते हैं, फिर वह चाहे एग हो या एग के आकार का दूसरा कुछ और…
Mar 31, 2021

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