जालसाजी : जमीन अधिग्रहण में लिया सरकारी मुआवजा, फिर वही जमीन 20 लाख में बेची

जालसाजी : जमीन अधिग्रहण में लिया सरकारी मुआवजा, फिर वही जमीन 20 लाख में बेची

# क्रेता अपना नाम चढ़वाने गया तो पता चला पूरा मामला

# विक्रेता एंव बिचौलिया के खिलाफ कार्रवाई का आदेश

वाराणसी।
मनीष वर्मा
तहलका 24×7
            बड़ागांव थाना क्षेत्र अंतर्गत बाबतपुर से वाराणसी शहर तक फोरलेन चौड़ीकरण में जमीन अधिग्रहण होने और पांच साल पूर्व मुआवजा लेने के बाद भी जमीन मालिक ने वह जमीन 20 लाख में दूसरे को बेच दी। इस धोखाधड़ी के शिकार पीड़ित ने शिकायती पत्र देकर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के यहां गुहार लगाई। बड़ागांव थाने की पुलिस मामले की जांच कर रही है।

सिंधोरा थाना क्षेत्र के चितौरा गांव के हरेंद्र सिंह ने बताया कि डेयरी खोलने के लिए जमीन की जरूरत थी तो जमीन की खरीद-फरोख्त में बिचौलिये का काम करने वाले रामसिंहपुर गांव निवासी अजय सिंह से मुलाकात हुई। अजय सिंह ने उन्हें वाराणसी-जौनपुर नेशनल हाईवे पर दासेपुर में 20.23 वर्गमीटर की जगह दिखाई। जमीन के मालिक हरहुआ डीह निवासी मोहम्मद सादिक, मोहम्मद आसिफ, मोहम्मद नासिर और मोहम्मद नसरुल्ला से अजय सिंह ने मिलाया। बातचीत में 20 लाख में सौदा तय हुआ। 20 जनवरी 2021 को पैसे का भुगतान कर जमीन की रजिस्ट्री कराई।

भुक्तभोगी हरेंद्र ने बताया कि रजिस्ट्री के कागज के आधार पर वह पिंडरा तहसील में जमीन पर अपना और अपने भाइयों का नाम दर्ज कराने गए। इस पर तहसीलदार पिंडरा ने बताया कि जो जमीन अपने खरीदी है वह नेशनल हाईवे के लिए अधिग्रहीत की गई है। यह बात जमीन के वास्तविक मालिक को भी पता है और वह मुआवजा भी ले चुके हैं इसलिए उस जमीन पर अब किसी का नाम दर्ज नहीं हो पाएगा। इस संबंध में एसपी ग्रामीण अमित वर्मा ने बताया कि थानाध्यक्ष बड़ागांव को जांच कर कार्रवाई के लिए कहा गया है। जमीन बेंचने वाले और उनसे मुलाकात कराने वाले बिचौलिये के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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