जौनपुर : आजादी को अगर अक्षुण्ण रखना है तो हमें करना होगा शहीदों का सम्मान

जौनपुर : आजादी को अगर अक्षुण्ण रखना है तो हमें करना होगा शहीदों का सम्मान

शाहगंज।
राजकुमार अश्क
तहलका 24×7
             15 अगस्त सन् 1947 को जब हमारा देश अंग्रेजी हुकूमत से आज़ाद हुआ तो पूरे देश ने जश्न मनाया था मगर क्या कभी हमने सोचा कि यह आजादी हमें कितनी कुर्बानियों के बाद मिली थी, कितनी माताओं ने कितनी बहनों ने कितने बच्चों ने अपनों की बलि दी थी? कुछ नाम तो हमें याद हैं जिन्होंने अपनी जान इस बलि बेदी पर हंसते हंसते न्योछावर कर दी मगर ऐसे हजारों, लाखों लोग थे जिन्होंने अपनी कुर्बानी तो दी मगर उन्हें इतिहास के पन्नों में जगह तक नहीं मिली, मगर वे लोग हर भारतीय के दिलों में आज भी जिंदा है और आने वाली पीढ़ियों में भी जिंदा रहेगें उक्त बातें लाल बहादुर शास्त्री मार्ग पर स्थित प्राइमरी पाठशाला में ध्वजारोहण के पश्चात पतंजलि योगपीठ शाहगंज इकाई के अध्यक्ष और राजदेई सिंह महिला महाविद्यालय के प्रबंधक डॉ राघवेंद्र प्रताप सिंह ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कही।

उन्होंने बताया कि जिस समय लालकिले की प्राचीर पर अपने देश का तिरंगा फहराया जा रहा था उस वक्त देश में कैसी खुशी रही होगी हम उस खुशी को सिर्फ महसूस कर सकते हैं। योग गुरु ओम प्रकाश चौबे ने अपने वक्तव्य में कहा कि आजादी के दीवाने माँ भारती के लाडले जब बसंती चोला पहनकर फांसी के फंदे को ऐसे चुमते थें जैसे कोई पिता वात्सल्य से भर कर अपने पुत्र को चूमता है तो देखने वाले के मुंह से बरबस ही भारत माता की जय के नारे के उद्घोष से वातावरण गुंजित होकर गाने लगता था मेरा रंग दे बसंती चोला माँ ए रंग दे बसंती चोला..
वहीं योग गुरु शिव कुमार यादव ने उपस्थित योग साधकों का आह्वान किया कि आप प्रतिदिन कम से कम दो घंटा अपने देश की सेवा में लगाएं कोई एक ऐसा काम अवश्य कीजिये जो समाज के हित में हो, और उसे करने के लिए आपको चुस्त दुरूस्त रहना जरूरी है और चुस्त दुरूस्त रहने के लिए आपको प्रति दिन कम से कम एक घंटा अपने लिए देना होगा। सारी बातों से अलग होकर आपको योगाभ्यास करना होगा, यह एक ऐसी औषधि है जो बिना पैसे के सभी को प्राप्त हो सकती है बस आप सिर्फ एक चीज़ का त्याग कीजिये वह है आलस्य.. योग साधक बालयोगी करन गुरु की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि इस बच्चे को जो पिछले दिनों सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शाहगंज के अधीक्षक एंव चिकित्सा अधिकारी द्वारा जो कोरोना योद्धा के रूप में सम्मान प्राप्त हुआ है उससे हम सभी गुरूओं का मस्तक गर्व से ऊंचा हो गया है।
बालयोगी करन गुरु ने अपने मधुर आवाज में देश भक्ति गीत “कर चले हम फिदा जानो वतन साथियों” सुना कर पूरे योग परिसर को देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत कर दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी योग साधकों को मिष्ठान वितरित किया गया। इस पावन अवसर पर तहसील प्रभारी योगगुरु विरेंद्र कुमार, कुमारी निशा भारती, रामनाथ भारती, जंगी लाल भारती, राधेश्याम गुप्ता, सुभम, सोनू यादव, उमा प्रजापति, गौरव चतुर्वेदी, हर्ष श्रीवास्तव, श्री प्रकाश चौबे, मुकेश जायसवाल, प्रतीक कुमार, अच्छे लाल, अनिल कुमार आदि योग साधक उपस्थित रहे।
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