जौनपुर : उपेक्षा का दंश झेल रहा है मुफ्तीगंज शहीद स्तम्भ

जौनपुर : उपेक्षा का दंश झेल रहा है मुफ्तीगंज शहीद स्तम्भ

# बदहाली की सूचना के बावजूद भी उदासीन दिखे राज्यमंत्री समेत जिम्मेदार अधिकारी

केराकत।
विनोद कुमार
तहलका 24×7
                        क्षेत्र अंतर्गत मुफ्तीगंज बाजार के मध्य में बने महात्मा गांधी चौबूतरा के पास कूड़े में ढेर में तब्दील शहीद स्तम्भ की खबर “शूरवीरों के बलिदान को भूला देश, कूड़े के ढ़ेर में तब्दील हुआ शहीद स्तम्भ” नामक शीर्षक से खबर गत 24 नवंबर को “तहलका 24×7” ने प्रकाशित किया था। खबर को जिम्मेदार अधिकारी व जनप्रतिनिधि तो सुध नहीं ली पर खबर को संज्ञान में लेते हुए गत 28 नवम्बर को ग्राम वासियों ने शहीद स्तम्भ की साफ सफाई की।
24 नवंबर को प्रकाशित तहलका 24×7 की खबर
गौरतलब हो कि महात्मा गांधी चौतरा के पास स्थित शहीद स्तम्भ के सम्बन्ध में राज्यमंत्री गिरीश चंद यादव से टेलीफोनिक वार्ता कर शहीदों के शहादत के हो रहे अपमान से अवगत कराते हुए शहीद स्मारक के जीर्णोद्धार की मांग की गई। परन्तु एक पखवारा बीत जाने के बाद भी राज्यमंत्री की तरफ से शहीद स्तम्भ की सुध लेने न उनका कोई प्रतिनिधि आया और न ही कोई प्रसाशनिक अफसर आया। सेना और शहीदों के सम्मान की बात करने वाली भाजपा सरकार के राज्यमंत्री द्वारा शहीद स्तम्भ के प्रति उदासीनता के चलते आम जनमानस में खासा रोष दिख रहा है।
28 नवंबर को प्रकाशित तहलका 24×7 की खबर
बता दे कि क्रांतिकारी जंगबहादुर पाठक ने कभी भी अंग्रेजो की अधीनता को स्वीकार नहीं की अंग्रेजी हुकूमत के ख़िलाफ जंग-ए-आजादी में कूद पड़े और 44 अंग्रेजों को जौनपुर शाही पुल के पास मार गिराया था। धोखे से अंग्रेजी हुकुमत ने पसेवा गॉव के समीप पकड़ कर एक महीने के कारावास में रखकर उनके साथ बर्बता की सारी हदें पार की गयी जिससे कारण उनका निधन हो गया। उनकी वीरता व शौर्य की याद में मुफ्तीगंज बाजार के मध्य में शहीद स्तम्भ का निर्माण कराया गया था जो आज बदहाल व्यवस्था के चलते कूड़े के ढेर में तब्दील हो चुका है।

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