“काश साहेब जईसन और अधिकरिऐ काम करतेन तो केतना निक्क रहत”

“काश साहेब जईसन और अधिकरिऐ काम करतेन तो केतना निक्क रहत”

# बेअंदाज अधिकारियों के लिए नजीर पेश कर रहे डीएम मनीष कुमार वर्मा

# फरियादियों को मिल रहा सम्मान, त्वरित हो रहा शिकायतों का निस्तारण

जौनपुर।
विश्व प्रकाश श्रीवास्तव
तहलका 24×7
               जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के सादगीपूर्ण व्यवहार एंव कार्यशैली ने आम जनमानस में अच्छी मिसाल कायम की है जिसकी चहुंओर प्रशंसा हो रही है। हुआ यूं कि अपनी समस्या लेकर डीएम के यहां पहुंची दिव्यांग महिला को कुर्सी पर बैठने में परेशानी हो रही थी तो जिलाधिकारी खुद उसकी समस्या को सुनने के लिए जमीन पर ही बैठ गये और उसकी समस्या को गम्भीरता से सुनकर निस्तारित कराया।
जिलाधिकारी की इस तरह की कार्यशैली समस्याओं के निस्तारण व प्रशासनिक अधिकारियों व जनता के बीच की दूरी को कम करने के साथ ही जनता का भरोसा प्रशासन के प्रति बढ़ाने में कारगर साबित हो रहा है वहीं एक फरियादी के मुख से बरबस ही निकल पड़ा कि “काश साहेब जईसन और अधिकरिऐ काम करतेन तो केतना निक्क रहत”
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा द्वारा फरियादियों की शिकायत व समस्याओं को सुनने व उसका निस्तारण करने की दिशा में नवीन, सकारात्मक व मानवीय पहल देखने को मिल रहा है। जिसकी चहुंओर प्रशंसा तो हो ही रही है, साथ ही साथ शिकायत कर्ताओं को सहूलियत भी मिल रही है।
जिलाधिकारी का यह सादगी भरा अंदाज पद और कुर्सी के कारण गुरुर में डूबे बेअंदाज हो चुके अधिकारियों व कर्मचारियों के समक्ष नजीर भी पेश कर रहा है। जहां एक ओर फरियादियों की समस्याओं का समय सीमा में निस्तारण हो रहा है वहीं आमजन की अपने आला अधिकारी से मिलने और अपनी समस्याओं को समुचित ढ़ग से रखने के कारण जनता और अधिकारियों के बीच की दूरी कम हो रही है लोग बगैर संकोच व झिझक के अपनी बात अधिकारियों तक पहुंचा पा रहे हैं।
भारी संख्या में शिकायत व प्रार्थना पत्र लेकर जिला मुख्यालय कलेक्ट्रेट मीटिंग हाल में आने वाले फरियादियों की तादात बताती है कि कहीं न कहीं उनकी समस्याओं का निस्तारण स्थानीय स्तर ब्लाक, तहसील और थाने पर नहीं हो पा रहा है, जिसके कारण उन्हें आला अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखनी पड़ रही है।
शिकायकर्ताओं की समस्याओं के प्रति गम्भीरता दिखाते हुए डीएम मनीष कुमार वर्मा ने मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए एक नई पहल शुरु किया है। जहां लम्बी कतार में खड़े होकर फरियादियों को अपनी समस्याओं को आला अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए घंटों अपनी बारी का इन्तजार करना पड़ता था

वहीं अब डीएम जौनपुर फरियादियों को कलेक्ट्रेट में समुचित ढ़ग बैठाकर खुद खड़े होकर बारी- बारी से एक-एक फरियादी की समस्या को सुनकर मामले को अतिशीघ्र निस्तारित करने के लिए संबंधित अधिकारियों कर्मचारियों को निर्देशित करने के साथ ही पूरे मामले की खुद मानिटरिंग करते हुए फीडबैक ले रहे हैं।

जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा द्वारा शुरु किये गये इस तरह की पहल की हर तरफ सराहना हो रही है और लोग यह कहते सुने गये कि “काश साहेब जईसन और अधिकरिऐ काम करतेन तो केतना निक्क रहत” इस मामले पर जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरुप समस्याओं का अतिशीघ्र निस्तारण करना और कोविड प्रोटोकोल का पूरी तरह से पालन कराना ही उद्देश्य है।
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