जौनपुर : कीटनाशक विक्रेता रखें क्रय, विक्रय एवं भण्डारण का पूरा लेखा-जोखा

जौनपुर : कीटनाशक विक्रेता रखें क्रय, विक्रय एवं भण्डारण का पूरा लेखा-जोखा

जौनपुर।
विश्व प्रकाश श्रीवास्तव
तहलका 24×7
              जिला कृषि रक्षा अधिकारी केके सिंह ने अवगत कराया है कि जनपद के कीटनाशी निरीक्षकों द्वारा कीटनाशी विक्रेताओं के प्रतिष्ठान के निरीक्षण/छापे के दौरान प्रायः कई प्रकार की कमियॉं प्रकाश में आती हैं तथा कीटनाशी अधिनियम 1968 एवं कीटनाशी नियमावली 1971 के दिशा निर्देशों का समुचित परिपालन नहीं किया जाता है। उक्त प्रकरण पर अपर मुख्य सचिव (कृषि) उ0प्र0 तथा कृषि निदेशक, उ0प्र0 द्वारा गहरा रोष व्यक्त करते हुये दिशा निर्देश जारी किये गये हैं जिसके परिपालन में जनपद के कीटनाशी विक्रेताओं को निर्देशित किया जाता है कि निम्नलिखित दिशा निर्देशों का अनिवार्य रूप से अनुपालन करें।

क्रय, विक्रय एवं भण्डारण किये जा रहे कीटनाशी स्टाक की सूचना प्रत्येक माह की 25 तारीख तक जिला कृषि रक्षा कार्यालय में प्रेषित करें। प्रतिष्ठान से विक्रय किये जा रहे कीटनाशी रसायन का कैशमेमो निर्गत किया जाय जिस पर रसायन का नाम, बैच संख्या, उत्पादन तिथि एवम अवसान तिथि अवश्य अंकित हो। जनपद के प्रिय किसान भाईयों को फसलों में रसायन के प्रयोग के बारे में सही तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराना सभी कीटनाशी विक्रेताओं का कर्तव्य है इसलिये प्रतिष्ठान पर योग्यताधारी तकनीकी सलाहकार सदैव उपस्थित रहे ताकि कृषकों को कीट/रोग नियन्त्रण की सही जानकारी प्राप्त हो।

जिन कीटनाशी अनुज्ञप्ति धारकों द्वारा वर्ष 2017 के बाद कीटनाशी रसायनों का अनुज्ञप्ति पत्र बनवाया गया है तथा प्रतिष्ठान/फर्म पर तकनीकी सलाहकार (कर्मचारी) नियुक्त किये गये हैं ऐसी दशा में तकनीकी सलाहकार को वेतन देने का प्रमाण (चेक या नेफ्ट द्वारा ऑनलाइन वेतन भुगतान) जिला कृषि रक्षा कार्यालय में जमा करें।
उक्त के क्रम में जनपद के समस्त कीटनाशी अनुज्ञप्तिधारी धारकों को निर्देशित किया जाता है कि कीटनाशी अधिनियम 1968 तथा कीटनाशी नियमावली 1971 के नियम/निर्देशों का पालन करते हुए ही कीटनाशी रसायनों का क्रय, विक्रय एवं भण्डारण करें। अन्यथा की दशा में जिला कृषि रक्षा अधिकारी या उच्चाधिकारियां के निरीक्षण के समय किसी भी प्रकार की कमी पाये जाने पर कीटनाशी अधिनियम 1968 की सुसंगत धाराओं के अनुसार कार्यवाही की जायेगी। जिसका सम्पूर्ण उत्तरदायित्व सम्बन्धित का होगा। किसी प्रकार की समस्या आने पर जिला कृषि रक्षा कार्यालय से सम्पर्क करें।
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