जौनपुर : कृषि विज्ञान केन्द्र एंव इफको के संयुक्त तत्वावधान में हुआ किसान गोष्ठी का आयोजन

जौनपुर : कृषि विज्ञान केन्द्र एंव इफको के संयुक्त तत्वावधान में हुआ किसान गोष्ठी का आयोजन

केराकत।
विनोद कुमार
तहलका 24×7
               कृषि विज्ञान केन्द्र अमिहित और इफको के संयुक्त तत्वाधान में गुरुवार को विकास खंड क्षेत्र के थानागद्दी गांव में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें वैज्ञानिकों ने किसानों को कम लागत में अधिक और स्वास्थ्य वर्धक उपज लेने का गुर बताया गया। इस मौके पर मृदा परीक्षण के लिए खेत में जाकर मिट्टी नमूना लेने का तरीका भी बताया गया।
गोष्ठी के मुख्य अतिथि वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक डॉ राकेश कुमार श्रीवास्तव ने बुवाई से पहले मिट्टी की जांच और बीज शोधन को जरूरी बताया। इस अवसर पर उन्होंने तरल नैनो यूरिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कहा कि आधा लीटर का नैनो यूरिया एक बोरी यूरिया के बराबर है। बताया कि यह किसानों के लिए वरदान है। इसके प्रयोग से मिट्टी को कोई नुकसान नहीं होता है तथा फसलों को सभी जरूरी पोषक तत्व मिलता है। इससे जल और वायु प्रदूषण भी नहीं होता है। उन्होंने उसके उपयोग का तरीका और लागत की भी जानकारी दी।
अमिहित स्थित कृषि विज्ञान केन्द्र के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ नरेन्द्र सिंह रघुवंशी ने खेती के लिए सरकार की विभिन्न योजनाओं के साथ साथ मिट्टी के प्रकार और उसकी पोषकता तथा मृदा वैज्ञानिक डॉ दिनेश सोनकर ने मृदा परीक्षण के लिए नमूना लेने की विधि पर प्रकाश डाला। एरिया मैनेजर डॉ डीके सिंह ने बताया कि जैव उर्वरक और उसका स्वास्थ्य से संबंध विषय पर जानकारी साझा की। कहा कि फसल को 17 पोषक तत्व मिलना जरूरी है। जिसमें से 14 प्रकार के पोषक तत्व अकेले मिट्टी से मिलता है। इस मौके पर मत्स्य अधिकारी राजीव गुप्ता, प्रगतिशील किसान इंद्रसेन सिंह, जयप्रकाश सिंह, माधवानंद शुक्ला, संजय मिश्रा, मनोज सिंह, राजकुमार मौर्या, लौटन मौर्या आदि रहे।
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