जौनपुर : क्रांतिकारी पत्रकार परिषद शाहगंज ईकाई के पुनर्गठन पर हुआ विचार विमर्श

जौनपुर : क्रांतिकारी पत्रकार परिषद शाहगंज ईकाई के पुनर्गठन पर हुआ विचार विमर्श

सुईथाकलां।
मो. आसिफ
तहलका 24×7
                स्थानीय विकास खंड क्षेत्र अंतर्गत बढ़ौना गांव स्थित एक इंटर कॉलेज के प्रांगण में क्रांतिकारी पत्रकार परिषद केंद्रीय प्रमुख एवं संपादक अनिल दूबे आजाद के निर्देशन में प्रादेशिक पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष नौशाद खान ने किया।

जिसमें पदाधिकारियों तथा पत्रकारों को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आज क्रांतिकारी पत्रकार परिषद पत्रकारों की सुरक्षा के अलावा आम जनता की आवाज को बुलंद करने का कार्य कर रहा है। क्रांतिकारी पत्रकार परिषद से जुड़े पत्रकारों द्वारा आम जनता की व्यथा और पीड़ा को शासन प्रशासन तक पहुंचाने का कार्य प्रमुखता से किया जा रहा है। उन्होंने पत्रकारों के साथ शासन प्रशासन सहित लोकतंत्र की आवाज को दबाने वाले लोगों द्वारा अन्याय अत्याचार से निपटने के लिए सभी पत्रकारों को एकजुटता का संदेश दिया। कहा कि यदि अपना अस्तित्व हमें बनाए रखना है तो आपसी एकजुटता की भावना सभी पत्रकारों के अंदर होनी चाहिए और अन्याय अत्याचार के विरुद्ध आवाज उठाते हुए एक दूसरे के सुख दुख में हमेशा खड़े रहना चाहिए।

वाराणसी मंडल अध्यक्ष बृजेश उपाध्याय ने कहा कि सरकार पत्रकारों का केवल इस्तेमाल कर रही है किंतु उन्हें उनके अधिकारों, सुरक्षा और जरूरतों से वंचित रखते हुए उनके साथ होने वाले अन्याय अत्याचार को नजरअंदाज कर रही है इसलिए हमें किसी भी कीमत पर पत्रकारों के साथ होने वाले उत्पीड़न से किसी भी प्रकार से समझौता नहीं करना है। राम नरेश प्रजापति ने पत्रकारों के साथ होने वाली ज्यादती, पत्रकारों की हत्या, अत्याचार, उत्पीड़न तथा आर्थिक संकट की समस्या के पीछे सरकार को उत्तरदाई ठहराते हुए कहा कि जो सरकार निष्पक्ष पत्रकारिता की बात करती है न तो उनकी कोई सुरक्षा व्यवस्था है और ना ही उनको कोई आर्थिक सहायता मानदेय अथवा भत्ता दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में निष्पक्ष पत्रकारिता करना बेहद दुष्कर और चुनौतीपूर्ण कार्य बन गया है क्योंकि जहां निष्पक्ष, सच्चे और ईमानदार पत्रकार आम जनता की पीड़ा, समस्या और भ्रष्टाचार को उजागर करता है वही निजी स्वार्थ के लिए कुछ ऐसे भी पत्रकार हैं जो हमेशा दरबारी कवियों की तरह उनकी प्रशंसा और गुणगान में लगे रहते हैं तथा उनकी जी हजूरी करते हुए उनकी मनचाही खबरें और मुद्दे ही प्रकाशित व प्रसारित करते हैं और उनकी कमियां और उनके भ्रष्टाचार को दबाकर आम जनता की पीड़ा को भी दबाते हुए लोकतंत्र का गला घोंटने का कार्य करते हैं जिससे निष्पक्ष और सच्ची पत्रकारिता कलंकित हो रही है।

आज की पत्रकारिता दो धड़ों पत्रकारिता और चाटुकारिता में विभाजित हो गई है जिसके परिणाम स्वरूप मीडिया का दोहरा चरित्र सामने आ रहा है। कुछ ऐसे पत्रकार हैं जो अधिकारियों कर्मचारियों का महिमामंडन करके उनसे अपनी पीठ थपथपवा कर झूठी वाहवाही लूटने का कार्य करते हैं। दयाशंकर यादव अधिवक्ता ने कहा कि आज के समय में पत्रकारों की कद्र इसलिए नहीं हो रही है क्योंकि वह लालच, स्वार्थ के वशीभूत होकर पत्रकारिता करते हैं जबकि उनको इन सभी चीजों से दूर रहकर समाज सेवा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अन्याय सहना भी पाप है इसलिए अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध आवाज उठानी चाहिए जो पत्रकारिता का मूल उद्देश्य है। राजीव श्रीवास्तव एवं चंद्रजीत यादव ने बैठक में उपस्थित अतिथियों तथा आए हुए पत्रकार बंधुओं के प्रति आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

चंद्रजीत यादव ने कहा कि हमारा संगठन सबसे अलग तरीके से कार्य कर रहा है। विजय कुमार मौर्या, पवन कुमार सिंह, विजय बहादुर, दीन मोहम्मद, अमित पांडे आदि लोगों ने भी अपने विचार प्रकट किए। इस अवसर पर सुधाकर प्रसाद शर्मा, राजदेव वर्मा, सुरेश चंद्र मौर्य, विनोद कुमार यादव, मन्ने अब्बास, ऋषभ तिवारी आदि पत्रकार बंधु उपस्थित रहे।
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