जौनपुर : गौशाला में चारे की किल्लत व देख-रेख के अभाव में मर गए तीन गौवंश

जौनपुर : गौशाला में चारे की किल्लत व देख-रेख के अभाव में मर गए तीन गौवंश

शाहगंज।
रवि शंकर वर्मा
तहलका 24×7
              क्षेत्र के सिधांई गांव में बनाए गए गौशाला में मंगलवार को तीन गायें मृत पाई गई। मौत की वजह चारे का अभाव व देखरेख करने वाले कर्मचारी का फरार होना बताया जा रहा है। ग्राम विकास अधिकारी ने मवेशियों की मौत पर प्रधान को जिम्मेदार ठहराया।
गांव में जिला प्रशासन द्वारा स्थाई गौशाला का निर्माण कराया गया था। जिसमें छुट्टा गौ वंशों को रखकर उनकी देख-रेख व चारे का इंतजाम किया जा रहा था। मौजूदा समय में गौशाला में 46 गोवंश हैं। जिनमें से तीन गोवंश मंगलवार को मृत पाए गए। मरे हुए गोवंश गौशाला में ही पड़े रहे। इस बात की जानकारी जब हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं को हुई तो बुधवार की सुबह गौशाला पहुंचे जो मामले की जानकारी स्थानीय प्रशासन को दी। इसके बाद नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान ज्ञानमती के पति लक्ष्मण बिंद मौके पर पहुंचे।
कुछ देर बाद जेसीबी मंगवाई गई मृत गोवंश को जेसीबी से गड्ढा खोदकर दफन कर दिया गया। ग्राम प्रधान के पति का आरोप है कि गौशाला में चारे का इंतजाम नहीं था। कई दिनों से गोवंशओं की देखरेख करने वाला कर्मचारी भी नदारद है। जिसकी वजह से तीन गो वंशो की मौत हुई है। कहा कि नवगठित ग्राम सभा कमेटी को अभी चार्ज नहीं मिला हुआ है।
जिसकी वजह से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गोवंशों की मौत के बारे में पूछे जाने पर ग्राम विकास अधिकारी दीपक सिंह ने गैर जिम्मेदाराना बयान देते हुए कहा कि महज एक गाय मरी है। चारे की व्यवस्था व देखरेख के लिए कर्मचारी रखने के लिए नव निर्वाचित प्रधान को कहा गया था। गोवंशों की देखरेख व चारे आदि की जिममेदारी मेरी नही है। इसके लिए ग्राम प्रधान जिम्मेदार है।
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