जौनपुर : चर्चित दरोगा ने किया पत्रकार से अभद्रता, दिया फर्जी मुकदमें में फंसाने की धमकी

जौनपुर : चर्चित दरोगा ने किया पत्रकार से अभद्रता, दिया फर्जी मुकदमें में फंसाने की धमकी

# “टोपी टोपी एक” वाली कहावत के दंश को झेल रही है शाहगंज की जनता

शाहगंज।
रवि शंकर वर्मा
तहलका 24×7
              स्थानीय कोतवाली में तैनात एक चर्चित दारोगा के चर्चे आईजी समेत तमाम आला अधिकारियों तक पहुंचने के बाद क्षेत्राधिकारी को जांच कर आख्या देने के आदेश दिया गया लेकिन “टोपी टोपी एक” वाली कहावत को चरित्रार्थ करते हुए जांच ढांक के तीन पात साबित हुई। जिसका खामियाज़ा शाहगंज की जनताा झेल रही है।
नतीजा यह हुआ कि चर्चित दरोगा इतना निरंकुश हो गये कि अब वह पत्रकारों से बदतमीजी कर फर्जी मुकदमें में फंसाने की धमकी देने लगे हैं। दरोगा के इस कारस्तानी से पत्रकारों में आक्रोश व्याप्त है। पीड़ित पत्रकार ने पीएम, सीएम, आईजी, डीआईजी, एडीजी समेत तमाम उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगााई है।
मामला यह है कि गत 30 जून को पुरानी बाजार निवासी वीरेंद्र कुमार यादव पुत्र राधेश्याम यादव के मोबाइल पर एसपी के पीआरओ के नाम से फोन आया और फोन करने वाले ने खूब गाली व धमकी दिया जिसकी जानकारी वीरेंद्र ने पत्रकार प्रीतम सिंह को दिया। पत्रकार प्रीतम सिंह ने मामले की जानकारी के लिए उस नम्बर पर काल किया तो उक्त व्यक्ति ने पत्रकार को भी गाली देते हुए मामले से दूर रहने की नसीहत दी नहीं तो जान से मारने की धमकी दे डाली। इसके बाद रात में पत्रकार प्रीतम सिंह जेसीज चौक पर खड़े थे वहां दो अज्ञात व्यक्ति पहुंचे और खुद को पुलिस वाला बताकर अपनी कमर में लगे असलहे को दिखा कर कहा कि दौड़ा कर इनकाउंटर कर दूंगा।
पीड़ित पत्रकार ने मामले की लिखित जानकारी क्षेत्राधिकारी अंकित कुमार एंव प्रभारी निरीक्षक धर्मवीर सिंह को दी तो प्रभारी निरीक्षक ने मामले की जांच के लिए उप निरीक्षक महेश को नियुक्त कर दिया। गुरुवार की अपराह्न उप निरीक्षक पत्रकार पर समझौता करने का दबाव बनाने लगे नहीं तो फर्जी मुकदमें में फंसाने की धमकी देने लगे। इसकी शिकायत प्रभारी निरीक्षक से करने के लिए पत्रकार जब थाने पर पहुंचा तो उप निरीक्षक ने अभद्र व्यवहार करते हुए हिरासत में ले लिया। कुछ देर बाद जब प्रभारी निरीक्षक धर्मवीर सिंह पहुंचे तो वह पत्रकार को छोड़ दिया।
मामले की जानकारी होते ही पत्रकारों में खासा आक्रोश देखा जा रहा है। शाहगंज पत्रकार एसोसिएशन के तहसील अध्यक्ष एख़लाक खान ने कहा कि पीड़ित पत्रकार साथी के साथ यदि न्याय नहीं हुआ और दोषी दरोगा, फोन पर धमकाने वाले व्यक्ति एंव जेसीज चौक पर असलहा दिया कर इनकाउंटर करने वालों के खिलाफ कठोर कार्यवाही नहीं हुई तो पत्रकार आंदोलन को बाध्य होगें।
बताते चलें कि यह वही चर्चित दारोगा है जिसके कुख्यात कारनामों की शिकायत उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारियों, कई पीड़ितों ने तमाम आला अधिकारियों से की थी। आला अधिकारियों ने जांच की जिम्मेदारी क्षेत्राधिकारी अंकित कुमार को सौंपी थी जिसकी निष्कर्ष यह रहा कि “टोपी टोपी एक” हुए और कार्यवाई “निल्ल बटे सन्नाटा” रही। अब देखना होगा कि देश के चौथे स्तम्भ से भिड़ंत के बाद निरंकुश दरोगा पर पुलिस विभाग नकेल कस पाती है या नहीं….
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