जौनपुर : जब्बार को नहीं मिली गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक की जगह

जौनपुर : जब्बार को नहीं मिली गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक की जगह

# बेटी के ससुराल स्थित कब्रिस्तान में हुआ अंतिम संस्कार

खुटहन।
मुलायम सोनी
तहलका 24×7
                   थाना क्षेत्र के सेठुआपारा निवासी अब्दुल जब्बार को अपने गांव में दफन होने के लिए कब्रिस्तान में जगह नहीं मिली। स्थानीय प्रशासन की जद्दोजहद के बाद भी मामले का हल नहीं निकल सका, जिसके चलते उनके शव को बड़ी बेटी के ससुराल स्थित कब्रिस्तान में 36 घंटे के बाद सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
गांव की आबादी में कब्रिस्तान पर दो पक्षों के बीच विवाद है। मामला तरकीरकुन्निशां बनाम मो. मुस्तकीम दीवानी न्यायालय सिविल डिविजन कोर्ट में विचाराधीन है। जहां से कब्रिस्तान की जमीन पर स्थगन आदेश जारी है। मुस्तकीम पक्ष के अब्दुल जब्बार (65) का शुक्रवार की रात निधन हो गया।

शव दफनाने के लिए दूसरे पक्ष के लोगों ने जमीन पर स्टे का हवाला देते हुए विरोध कर दिया। मृतक अब्दुल जब्बार चार बेटियों के पिता थे। मौके पर दामादों ने स्थानीय प्रशासन समेत जिला व प्रदेश मुख्यालय पर उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई। मौके पर पहुंचे एसडीएम नीतीश कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी अंकित कुमार व स्थानीय थाने की फोर्स ने आधी रात मामले का पटाक्षेप कराने की जद्दोजहद में जुटे रहे, लेकिन कोई नतीजा हासिल नहीं हो सका। थक-हारकर मृतक की बड़ी बेटी ने पिता की खराब हो रही मिट्टी को अपने गांव के कब्रिस्तान में दफन करने का निर्णय लिया।रविवार की दोपहर गोल्हनपुर गांव के कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। रिश्तेदारों ने प्रशासन पर दबाव बनाने का आरोप लगाया। क्षेत्राधिकारी अंकित कुमार ने बताया कि कब्रिस्तान पर स्थगन आदेश है। पीड़ित पक्ष को गांव से कुछ दूर नए कब्रिस्तान के लिए जमीन दी जा रही थी, लेकिन तैयार नहीं हुए।

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