जौनपुर : जर्जर सड़क पर हलकान हो रहे राहगीर, पीडब्ल्यूडी विभाग कुम्भकर्णी निद्रा में..

जौनपुर : जर्जर सड़क पर हलकान हो रहे राहगीर, पीडब्ल्यूडी विभाग कुम्भकर्णी निद्रा में..

# 1102 किमी की 456 सड़कों के गड्ढा मुक्ति करने के लिए 10 करोड़ चार लाख स्वीकृत

# चार करोड़ 95 लाख रुपया मिलने के बावजूद पीडब्ल्यूडी विभाग की नहीं जा रही सुस्ती.. 

जौनपुर।
विश्व प्रकाश श्रीवास्तव
तहलका 24×7
                    शारदीय नवरात्र शुरू हो चुका है लेकिन सड़कों पर बेहिसाब गड्ढे होने से श्रद्धालुओं को दर्शन पूजन करने जाने के लिए हिचकोले खाने पड़ रहे हैं। इस दौरान उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दुर्घटना होने की भी संभावना बनी हुई है, जिसे लेकर श्रद्धालु जिम्मेदारों को कोसते नजर आ रहे हैं। वहीं जिम्मेदार चुप्पी साधे हुए हैं। इतना ही नहीं दुर्गा पूजा समितियों के लोगों में भी इसे लेकर रोष है। उन्होंने सड़कों को शीघ्र गड्ढा मुक्त करने की मांग की है।
जिले में कुल 2225 पंडालों में मां दुर्गा की मूर्तियां शोभायमान हो रही हैं। ये शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के अलग-अलग इलाकों में पंडालों में स्थापित की गई हैं। वहीं, दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालुओं का भी आना-जाना शुरू हो गया है। इसके अलावा श्रद्धालु मां शीतला धाम चौकिया और विंध्याचल धाम के लिए भी जा रहे हैं। वहीं, जिले की चार हजार 110 सड़कों में 456 सड़कें गड्ढा युक्त हैं, जो शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न इलाकों की हैं। इसमें शहर क्षेत्र में मानिक चौक से किला रोड, अशोक टाकिज से सद्भावना रोड, अटाला से सुतहट्टी, सुतहट्टी से उर्दू बाजार, जेसीज से टीडी कालेज मार्ग, कचहरी मार्ग, सिपाह से प्रसाद इंस्टीच्यूट तक, जौनपुर- मिर्जापुर मार्ग पर मड़ियाहूं से भदोही बार्डर तक, मछलीशहर-जंघई मार्ग, अकबरपुर से बजरंगनगर, देवकली से बेलांव, देवकली से पसेवां मई घाट, शाहगंज से खुटहन, चौकियां से आरा आदि हैं।
जिसे शासन से धनराशि स्वीकृत होने के बाद भी सड़कों को पीडब्ल्यूडी गड्ढा मुक्त नहीं कर पाया है। अब सड़कों पर मौजूद गड्ढा श्रद्धालुओं के लिए जान की आफत बन रही है। ऐसे में श्रद्धालुओं को सड़कों पर गड्ढा रहने से दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। जबकि सरकार ने पीडब्ल्यूडी को 16 सितंबर से अभियान चलाकर सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का निर्देश दिया था, लेकिन जिम्मेदार, सरकार के इस निर्देश का पालन नहीं कर रहे हैं।
हालत यह है कि शासन से निर्देश आए 22 दिन गुजर चुके हैं, जबकि जिले में 1102 किमी की 456 सड़कों के गड्ढा मुक्ति करने के लिए 10 करोड़ चार लाख 40 हजार रुपये का भारी-भरकम बजट भी शासन से स्वीकृत किया गया था, जिसमें से चार करोड़ 95 लाख रुपया भी विभाग को मिल चुका है, बावजूद इसके अभी तक पीडब्ल्यूडी की ओर से गड्ढा मुक्त करने का कार्य शुरू नहीं किया गया है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राधाकृष्ण का कहना है कि बारिश के कारण सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का कार्य शुरू नहीं किया जा सका है, लेकिन शीघ्र ही सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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