जौनपुर : टाइसन की वफादारी ने बचाई मालिक की जान

जौनपुर : टाइसन की वफादारी ने बचाई मालिक की जान

शाहगंज
राजकुमार अश्क
तहलका 24×7
               आदि काल से ही मनुष्य जानवरों की वफादारी का कायल रहा है, मनुष्य भले ही अपने मालिक के प्रति वफादार न हो मगर जानवर जरूर होते हैं अगर आप किसी जानवर को अपने जीवन का हिस्सा बना लेते हैं वह उस प्यार के लिए अपनी जान की बाजी लगाने से नहीं चूकते। जानवरों में सबसे वफादार जानवर स्वान होता है, शायद इसी कारण मनुष्य ने सबसे पहले जिस जानवर की वफादारी पर भरोसा जताया वह स्वान (कुत्ता) ही था। इसी कारण आदि काल से लेकर आज तक मनुष्य का सबसे वफादार साथी कुत्ता रहा है।समाज में ऐसी अनेकों घटनाओं को वर्णन आए दिन सुनने और देखने को मिल जाता है

जिसमें एक कुत्ते ने अपने मालिक की जान बचाते हुए अपनी जीवन लीला समाप्त कर दी हो, कुछ ऐसा ही एक वाक्या क्षेत्र में उस वक्त घटी जब कलेक्टरगंज निवासी नितेश कुमार बरनवाल मार्निग वॉक के लिए फ्रैंच मैस्टिफ प्रजाति के कुत्ते टाइसन के साथ निकले हुए थे, जैसे ही वो बसंती देवी आईटीआई के पास पहुंचे तो उन्हें लघुशंका महसूस हुईं वो इस बात से बेखबर कि एक बिषधर उनकी तरफ बढ़ रहा है वो लघुशंका करते रहे तभी उनके टाइसन की नजर उस बिषधर पर पड़ गयी उसने अपनी वफादारी सिद्ध करते हुए उस बिषधर से जूझ पड़ा तब तक नितेश भी सजग हो गये।
टाइसन ने उस बिषधर से अपने मालिक को तो बचा लिया मगर अपने आपको नहीं बचा सका, उस बिषधर ने टाइसन को काट लिया, इस बात से बेखबर नितेश कुमार तो सुरक्षित वापस आ गयें मगर उनका प्रिय मित्र टाइसन के अंदर बिष फैलता गया जिस कारण दूसरे दिन उसकी मृत्यु हो गयी। उसकी मृत्यु से नितेश कुमार इतने द्रवित हुए कि अपने सबसे प्रिय मित्र टाइसन की शव को अपनी गोद में लेकर घंटों ऐसे रोते रहे जिसको शब्दों में बयां करना असंभव है। उन्हें सिर्फ एक बात का गम सता रहा था कि इस बेजुबान ने अपनी वफादारी के लिए अपनी जान दे दी मगर मुझे बचा लिया।

टाइसन उनके लिए सिर्फ एक कुत्ता नहीं बल्कि उनका सबसे अभिन्न प्रिय था, जो कि महज़ 15 माह की आयु में अपनी जान की परवाह न करते हुए अपने मालिक को बचा लिया। यह खबर जब उनके जान पहचान वालों को हुई तो वो भी उस बेजुबान की वफादारी के कायल हो गये, इस बात की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है कि अभी तक तो हम लोग अखबारों या समाचार चैनलों के माध्यम से ही यह सब सुनते आ रहें थे मगर आज प्रत्यक्ष देखने को भी मिल गया कि जानवर वास्तव में मनुष्य से ज्यादा वफादार होता है।
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