जौनपुर : दादर बाइपास पुल की टूटी रेलिंग व क्षतिग्रस्त पावे दे रहे है मौत को दावत

जौनपुर : दादर बाइपास पुल की टूटी रेलिंग व क्षतिग्रस्त पावे दे रहे है मौत को दावत

# दादर बाइपास पुल बना मृत पशुओं की कब्रगाह, जिम्मेदार चिर निद्रा में

# बलिया से लखनऊ को जोड़ने वाला दादर बाइपास पुल बदहाल

शाहगंज।
रवि शंकर वर्मा
तहलका 24×7
                 सूबे की राजधानी लखनऊ को बलिया से जोड़ने वाले दादर बाइपास पुल की दशा बदहाल हो गयी है। दादर बाइपास पुल की टूटी रेलिंग व जीर्ण-शीर्ण पावे बड़ी दुर्घटना की दावत दे रहे है। बलिया लखनऊ बाईपास हाईवे होने के कारण यह मार्ग व्यस्ततम मार्गों में से एक है जिस पर चौबीसों घन्टे भारी वाहनों की आवा-जाही रहती है। टूटी रेलिंग एंव क्षतिग्रस्त पावों के चलते कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है। अभी कुछ ही समय पूर्व इस दादर बाइपास पुल का जीर्णोद्धार हुआ था लेकिन दादर पुल की बदहाली नहीं बदली। इसके दोनो तरफ दुर्घटना के बचाव के लिए रेलिंग लगाई गयी थी जिसका कई जगह से अस्तित्व ही समाप्त हो गया है।
दादर बाइपास पुल का इतिहास रहा है कि इसकी हमेशा से ही उपेक्षा होती रही है। क्षेत्र में कूड़ा निस्तारण केंद्र के अभाव में नगर पालिका प्रशासन ने बहुत दिनों तक इसे कूड़ा डम्पिंग जोन बना दिया था अब यह दादर बाइपास पुल मृत पशुओं की कब्रगाह भी बन चुका है। आये दिन इस पुल पर नगर पालिका प्रशासन द्वारा मृत पशुओं को फेका जा रहा है। इस पुल से गुजरने वाले राहगीर बगैर नाक बंद किये इधर से गुजर ही नहीं सकते हैं। मृत पशुओं की उठती दुर्गन्ध से आस-पास के लोगों का जीना दूभर हो गया है और मृत पशुओ के सड़ान्ध से आस-पास के लोगो मे संक्रामक बीमारियों के फैलने का भी खतरा बना रहता है। स्थानीय प्रशासन इस तरफ कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है लगता है कि स्थानीय प्रशासन दादर बाइपास पुल पर किसी बड़ी अनहोनी एंव संक्रामक बीमारियों के विस्फोट के इंतजार में है।
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