जौनपुर : नई शिक्षा नीति शोध और नवाचार के लिए साबित होगी मील का पत्थर- डॉ रामदीन पवार

जौनपुर : नई शिक्षा नीति शोध और नवाचार के लिए साबित होगी मील का पत्थर- डॉ रामदीन पवार

जौनपुर।
विश्व प्रकाश श्रीवास्तव
तहलका 24×7
                नई शिक्षा नीति 2020 के एक वर्ष पूर्ण होने पर पूर्वांचल विश्वविद्यालय मे थीम बेस्ड वेबीनार के सातवें दिन प्रो. राजेंद्र सिंह रज्जू भैया भौतिकीय विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान द्वारा “अनुसंधान नवाचार और सूचकांक” विषय पर एक दिवसीय वेबीनार का आयोजन सोमवार को किया गया।

इस संगोष्ठी के मुख्य संरक्षिका कुलपति प्रो निर्मला एस. मौर्य रहीं। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मरेगांव (यवतमाल) महाराष्ट्र के डॉ नामदेव रामदीन पवार ने नई शिक्षा नीति के विभिन्न पहलुओं की चर्चा किया। डॉ पवार ने अपने व्याख्यान में नई शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत शोध में नवाचार के विभिन्न पहलुओं पर अपना मत रखा। नई शिक्षा नीति के द्वारा स्नातक एंव परास्नातक स्तर पर शोध परक शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाने की बात कही जो कि शोध एवं नवाचार के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

नागपुर विश्वविद्यालय के वक्ता डॉ विजय बी. पावडे ने बताया कि नई शिक्षा नीति में शोध के अनुरूप व्यावसायिक व शोध परक शिक्षा को विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में सम्मिलित किए जाने पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा एवं शोध एक दूसरे के पूरक होते हैं तथा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार पर विशेष ध्यान देना चाहिए, जो कि नई शिक्षा नीति अभिन्न अंग है।
कार्यक्रम के समन्वयक एवं अध्यक्ष प्रो देवराज सिंह ने अतिथियों का स्वागत एवं कार्यक्रम के विषय-वस्तु की रूप रेखा करते हुए नई शिक्षा नीति के अनुरूप व्यावसायिक शिक्षा व शोध को विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में शामिल करने की बात कही। कार्यक्रम का संचालन डॉ सुजीत कुमार चौरसिया ने तथा आयोजन सचिव डॉ काजल कुमार डे ने कार्यक्रम के वक्ताओं का परिचय किया। कार्यक्रम के आयोजन सचिव डॉ धीरेंद्र कुमार चौधरी ने कार्यक्रम में आये हुए सभी अतिथियों व प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, संकायों के प्रमुख, प्राध्यापकगण प्रो वंदना राय, प्रो मानस पाण्डेय, प्रो अजय द्विवेदी, डॉ प्रमोद कुमार यादव, डॉ गिरधर मिश्रा, डॉ प्रमोद कुमार, डॉ राकेश कुमार यादव, डॉ रजनीश भास्कर, डॉ पुनीत कुमार धवन, डॉ आशीष वर्मा, डॉ आलोक दास, सौरभ कुमार सिंह, दीपक कुमार मौर्य, नवीन चौरसिया, डॉ शक्ति प्रताप सिंह एवं विभिन्न विभागों के शोध छात्रों के साथ-साथ दूसरे संस्थानों के शोध छात्र तथा प्राध्यापक डॉ के शक्तिपाणी (एसआरएम यूनिवर्सिटी चेन्नई) आदि उपस्थित रहे व उत्साहपूर्व प्रतिभाग किया।
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