जौनपुर : पंचायत चुनाव से पहले पंचायती विभाग में बड़े स्तर पर फेर बदल होने के संकेत

जौनपुर : पंचायत चुनाव से पहले पंचायती विभाग में बड़े स्तर पर फेर बदल होने के संकेत

# कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए मुख्य विकास अधिकारी जिले भर में चला सकते है तबादला एक्सप्रेस

# आरक्षणों की सूची प्रकाशित, बढ़ी चुनावी सरगर्मियां

खेतासराय।
अज़ीम सिद्दीकी
तहलका 24×7
                एक लंबे समय से त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव और आरक्षण सूची को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे। गांव के नुक्कड़ चौराहों पर सुबह-शाम आरक्षण सूची को लेकर को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म रहता था। जिसका कयास लगाना अब समाप्त हो गया और आरक्षण सूची प्रकाशित हो गई तथा चुनाव की पहली कड़ी का बिगुल बज गया। जिससे चुनावी सरगर्मियां तेज़ हो गयी हैं। पंचायत चुनाव की आरक्षण सूची आते ही ग्राम पंचायतों में चुनावी मिज़ाज़ तेज़ हो गया। प्रत्याशी अपना चुनावी समीकरण बैठाने में जुट गए है।

दूसरी तरफ पंचायत चुनाव को पूरी तरह से पारदर्शी कराने के लिए जिला प्रशासन भी अपनी तैयारियां करते हुए कमर कस लिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मुख्य विकास अधिकारी अनुपम शुक्ला ने जिला विकास कार्यालय से उन कर्मचारियों की सूची को मांगा है। जो कर्मचारी एक ही ब्लॉक पर 3 वर्षों से अधिक अंगद की पांव की तरह जमाएं बैठे है।
ऐसे में माना जा रहा है कि जिले भर में पंचायती विभाग में बड़े फेर बदल होने की संभावना प्रबल दिखाई दे रही है।

जिसमे पंचायत सचिव, टी.ए., लिपिक जेई, बीओ एपीओ, आदि तीन साल से अधिक एक ही विकास खण्ड में कार्य कर रहे है। ऐसे कर्मचारियो को नई तैनाती के लिए तबादला एक्सप्रेस चलने का संकेत है। ताकि नई ग्राम पंचायतों के गठन के बाद व पंचायत चुनाव में अपनी मनमानी न कर सकें। पिछले कार्यकाल में ब्लॉक कर्मचारियों का मनमानी और भ्रष्टाचार में लिप्त होने के कई मामले संज्ञान में आया था।

इसके साथ ही साथ कई साल से एक ही ब्लॉक में तैनात सफाई कर्मचारियो को भी नई तैनाती मिलने के आसार है। ब्लॉक मुख्यालय की शोभा बढ़ाने वाले सफाई कर्मी अपना मूल कार्य न करके जिस गांव में गये वही मस्त हो गए। ऐसे में मस्त होकर घूम-घूम कर राजनीति करने वाले सफाई कर्मियों को भी इधर से उधर करने की कवायद तेज हो गयी है। सफाई कर्मी गांव की सफाई कम राजनीति ज्यादा रुचि रखते थे। ऐसे में तबादला एक्सप्रेस में लपेटे में ये भी शामिल हो सकते है। इन सब के पीछे का मकसद होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में पारदर्शिता लाना है।
Mar 03, 2021

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