जौनपुर : पूर्व मंत्री ओम प्रकाश श्रीवास्तव बाबूजी को दी गई श्रद्धांजलि

जौनपुर : पूर्व मंत्री ओम प्रकाश श्रीवास्तव बाबूजी को दी गई श्रद्धांजलि

जौनपुर।
विश्व प्रकाश श्रीवास्तव
तहलका 24×7
                सरजू प्रसाद शैक्षिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था जज कॉलोनी जौनपुर के तत्वाधान में एक शोक सभा का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता करते हुए समाजवादी चिंतक वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि ओम प्रकाश जी बचपन से ही आरएसएस से चलकर समाजवाद की राह पकड़ी। वह अपने स्वभाव को प्राप्त कर लिए थे वे उत्तर प्रदेश की सरकार में कैबिनेट चिकित्सा शिक्षा मंत्री रहे।मुख्य अतिथि बीएचयू के प्रोफेसर डॉ आर एन सिंह ने कहा कि श्रीवास्तव जी के सहजता, सरलता, विद्वता एवं कार्य कुशलता के सभी कायल थे। वह जनपद के आफताब थे।

विशिष्ट अतिथि डॉ पीसी विश्वकर्मा ने कहा कि वह गरीबों, मजदूरो, मजलूमो की आवाज थे। संघर्ष में कई बार आंदोलनों में जेल भी गए।वीरेंद्र सिंह ने कहा कि ओम प्रकाश जी का वास्तविक मूल्यांकन नहीं हो पाया। समाज में व्यक्ति का जो व्यक्तिगत आचरण है वही उसका राजनीतिक प्रतिबिंब है। आदित्य प्रसाद उपाध्याय ने कहा कि वह चंद्रशेखर के साथ-साथ आचार्य नरेंद्र देव कृपलानी का भी सानिध्य रहा।दुष्यंत सिंह ने कहा कि जब ओमप्रकाश कहिए तो चंद्रशेखर जी और चंद्रशेखर जी कहिए तो ओम प्रकाश की झलक याद आती है। राधेश्याम पांडे ने कहा कि वह पुरानी परंपराओं के नेता थे।

भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने कहा कि ओम प्रकाश जी त्याग की प्रतिमूर्ति थे। जीतेंद्र उपाध्याय ने कहा वह जनपद के गौरव थे। गिरीश श्रीवास्तव गिरीश ने कहा उनका साहित्य कला में भी बहुत ज्यादा गहन रुचि थी। कार्यक्रम का संचालन करते हुए सभाजीत द्विवेदी प्रखर ने कहा कि ओमप्रकाश समाजवादी विचारक व महान नेता थे। उनके पुत्र मनोज श्रीवास्तव एडवोकेट ने कहा कि जिस तरह आप सब आज दुखद घड़ी में हमारे साथ हैं मेरा हौसला बनाए हुए हैं आगे भी आप लोग हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे।

उक्त अवसर पर डॉ संजय सिंह सागर, प्रवीण कुमार शुक्ला, हरिकेश यादव, विष्णु कुमार तिवारी, सुशील दुबे, राजकुमार पांडे, मृगांक शेखर श्रीवास्तव, कमलाकांत सिंह, देवेंद्र नाथ राय एडवोकेट, आनंद प्रेमधन सरोज, सभा नारायण चतुर्वेदी, हिमांशु उपाध्याय मौजूद रहे। अंत में कार्यक्रम आयोजक पूर्व अध्यक्ष बाल न्यायालय सचिव संस्था संजय उपाध्याय ने आए हुए सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
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