जौनपुर : बडागांव का ऐतिहासिक जुलूस-ए-अमारी संपन्न

जौनपुर : बडागांव का ऐतिहासिक जुलूस-ए-अमारी संपन्न

# बड़ागांव जो अपने जुलूसे अमारी की वजह से आलमे अज़ा में है मशहूर

सुईथाकलां।
मो. आसिफ
तहलका 24×7
               मीर औलाद हुसैन ने पहली बार 23 मई 1904 को इस जुलूस की शुरुआत की। इस साल का जुलूस गुरुवार से शुरू हुआ जो पूरी रात नौहा, मातम, तकरीर, जुलजनाह, अलमारियों के साथ शुक्रवार की शाम को खत्म हुआ। जुलूस बाद नमाज़ सुबह पंजा शरीफ से बरामद हो कर कदीम रास्तों से होता हुआ मगरिब के वक्त चाहार रौज़ा पर पहुंच कर ख़त्म होने वाले जुलूस ए अमारी में देश प्रदेश से शिया धर्म के लोग पहुंचते हैं।
वर्तमान समय में हुसैनी मिशन की देख-रेख में होने वाले आयोजन की जिम्मेदारी सैय्यद ज़ीशान हैदर ने सम्भाल रखी है। आयोजन की खूबी ये है कि शिया समुदाय के सबसे बड़े जुलूस में सुन्नी मुसलमानों के अलावा हिन्दू भाई भी बढ़-चढ़ कर अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन करते हैं। कर्बला की जंग के बाद मजीद के रिहाइ देने पर जनाब ए जैनब का लुटा काफिला मदीना पहुंचने की याद में मनाए जाने वाले इस जुलूस का आगाज जीशान हैदर ने किया।
जिसमें मौलाना वसी हसन फैजाबादी, मौलाना हसन मेंहदी गाजीपुरी, मौलाना जफर लखनवी, मौलाना शौकत नरवारी व गाँव के मौलाना खुर्शीद, मौलाना अरबी ने अपनी तकरीर में कर्बला की जंग और मजीद की हरकतों का ज़िक्र किया। संचालन सहर अरशी ने किया। शुक्रवार की शाम शफकत हुसैन ने समापन किया।

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