जौनपुर : बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर के बताये हुए रास्ते पर चलने की जरुरत- अरविन्द पटेल

जौनपुर : बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर के बताये हुए रास्ते पर चलने की जरुरत- अरविन्द पटेल

जौनपुर।
विश्व प्रकाश श्रीवास्तव
तहलका 24×7
            सिरकोनी विकास क्षेत्र के कजगांव में सरदार सेना के जिलाध्यक्ष ने कोविड-19 महामारी के चलते अपने निवास स्थान पर संविधान निर्माता भारत रत्न डॉक्टर अंबेडकर की जयंती मनायी तथा उनके दिखाये हुए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया। जिलाध्यक्ष ने अपने निवास स्थान पर संविधान के महानायक भारत रत्न बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर की चित्र पर पुष्प अर्पित किया।

इस दौरान जिलाध्यक्ष अरविन्द कुमार पटेल ने लोगों से अपील किया कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की विचार धारा पर काम कर देश को विकास के रास्ते पर ले जाने में अपना-अपना योगदान करें तथा अपने उद्बोधन में कहा कि अम्बेडकर ने दलित, पिछड़े, शोषित-वंचित समाज के समर्थन में अभियान का नेतृत्व किया। वह स्वतंत्रता के बाद भारत के पहले कानून और न्याय मंत्री थे।

इन सबसे ऊपर अंबेडकर ने भारत के संविधान को बनाने में एक केंद्रीय भूमिका भी निभाई थी उस समय भारतीय समाज में व्याप्त विभिन्न अन्याय से लड़ने के लिए भावुक थें। अन्याय के खिलाफ तमाम लडा़ईयां लड़ने का कार्य किये है वह एक अर्थशास्त्री, राजनेता और समाज सुधारक थे। जिन्होंने दलित समुदाय के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी, जिन्हें अछूत माना जाता था (उन्हें अभी भी देश के कुछ हिस्सों में अछूत माना जाता है)। भारत के संविधान के एक प्रमुख वास्तुकार, अम्बेडकर ने महिलाओं के अधिकारों और मजदूरों के अधिकारों की भी वकालत की।

भारतीय गणराज्य की संपूर्ण अवधारणा के निर्माण में अम्बेडकर जी का योगदान बहुत बड़ा है। उन्होंने कोलंबिया विश्वविद्यालय और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने भारत के राज्य को पुरातन मान्यताओं और विचारों से मुक्त करने के लिए अर्थशास्त्र में अपनी मजबूत पकड़ का इस्तेमाल किया। उन्होंने अछूतों के लिए अलग निर्वाचक मंडल बनाने की अवधारणा का विरोध किया और सभी के लिए समान अधिकारों की वकालत की थी।

आंबेडकर को पाली, संस्कृत, अंग्रेजी, फ्रेंच, जर्मन, मराठी, पर्शियन और गुजराती जैसी नौ भाषाओं का ज्ञान था इसे उनकी दूरदर्शिता ही कही जाएगी कि उन्होंने देश के लिए एक ऐसा संविधान तैयार किया जो सभी जाति और धर्म के लोगों की रक्षा करता है व उन्हें समानता का अधिकार प्रदान करता है। इस अवसर पर धीरज यादव, वृजेन्द्र कुमार पटेल, जय प्रकाश पटेल, सत्यम् सिंह पटेल, हरिशंकर पटेल, सुभाष पटेल, प्रेम चंद पटेल, विकास पटेल, रोहित विश्वकर्मा, जगबहादुर, मुन्ना लाल पटेल, अमन पटेल, अंकित सहित कई लोग मौजूद रहे।
Apr 14, 2021

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