जौनपुर : यज्ञ की आहुति होता है देवताओं का आहार- वाचस्पति महराज

जौनपुर : यज्ञ की आहुति होता है देवताओं का आहार- वाचस्पति महराज

# हवन यज्ञ व भंडारे के साथ कथा का हुआ समापन

खुटहन।
मुलायम सोनी
तहलका 24×7
             क्षेत्र अंतर्गत बड़सरा गांव में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का मंगलवार को हवन यज्ञ एवं भंडारे के साथ समापन कर दिया गया। जिसमे तमाम श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। अयोध्या से पधारे जगदगुरु रामभद्राचार्य के कृपापात्र शिष्य वाचस्पति महराज ने बैदिक रीति से मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ पूर्ण कराया। उन्होने कहा कि यज्ञ में दी गई आहुति देवताओं का आहार होता है।यज्ञ की महत्ता बताते हुए उन्होंने ने कहा कि प्रत्येक ब्यक्ति को जीवन काल मे यज्ञ करना और कराना अवश्य चाहिए।इससे कई तीर्थ के बराबर फल मिलता है।

सच्चे मन से यज्ञ पूर्ण करने से मानव मोक्ष का गामी हो जाता है। उन्होंने कहा कि यज्ञ से सिर्फ धार्मिक और आध्यात्मिक लाभ ही नहीं इससे भौतिक लाभ भी है। यज्ञ से उठने वाला धुआं जहां तक जाता है। पूरे वायुमंडल को पवित्र कर देता है। विज्ञान भी मानने लगा है कि यज्ञ का धुआँ वायुमंडल मे आक्सीजन की मात्रा में बृद्धि के साथ साथ जीव जन्तुओं मे रोग रोधी क्षमताओं का विकास करता है। इस मौके पर सदानंद तिवारी, हरषू शास्त्री, दिनेश पाठक, रघुवंश मणि तिवारी, अनिल दूबे, समर सिंह, त्रिभुवन पाठक आदि मौजूद रहे। आयोजक पंडित परमानन्द तिवारी ने आगंतुकों के प्रति आभार प्रकट किया।