जौनपुर : लखीमपुर खीरी काण्ड से आक्रोशित आम आदमी पार्टी ने किया धरना-प्रदर्शन

जौनपुर : लखीमपुर खीरी काण्ड से आक्रोशित आम आदमी पार्टी ने किया धरना-प्रदर्शन

केराकत।
विनोद कुमार
तहलका 24×7
                 उप जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने लखीमपुर खीरी में धरने पर बैठे किसानों की गाड़ी से कुचल कर हत्या में कार्यवाही की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन करते हुए महामहिम राज्यपाल को सम्बोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी को सौंपा।
जिसमें किसान बिल को वापस लेने से लेकर कई बिंदुओं की मांग की गई है जैसे पिछले 10 महीने से देश का अन्नदाता किसान धरने पर बैठा हुआ है। 550 किसानों ने या तो आत्महत्या की है या गोलियों से भून दिया गया है। देश की सरकार उनकी एक ही मांग है कि इन तीनों काले कानूनों को वापस लिया जाए। दरअसल ये काले कानूनों की मौत का फरमान है। इसमें पूजी पतियों की फसलों के असीमित भंडारण के अधिकार दिए गए। इसके चलते जमाखोरी और कालाबाजारी देगी और किसानों की स्थिति सुधारने की जगह पूजीपतियों के खजाने में वृद्धि होगी इन कानूनों के तहत की गई कांट्रेक्ट फार्मिंग की व्यवस्था में एक तरह से जमीदारी प्रथा की फिर से वापसी हो जाएगी।
किसान चाह कर भी अपने खेतों पर अपने मनमाफिक खेती नहीं कर सकेगा। इन कानूनों के आलोक में किसानों को अपनी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य मिल पाना भी संभव नहीं दिख रहा। इन्हीं आशकाओं को लेकर देशभर में में अन्नदाता इन कानूनों का विरोध कर रहे हैं। किसान अपने अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए लड़ रहे हैं,
लेकिन केंद्र सरकार इन किसानों के संघर्ष का सम्मान करने की जगह उन्हें खालिस्तानी पाकिस्तानी गुड़ा और मवाली कहकर लगातार अपमानित करने का काम कर रही है। कभी उनके सामने कटीले तार लगाए जाते हैं, तो कभी लाठियां बरसा कर उनके आंदोलन को दबाने की कोशिश हो रही है। इसी क्रम में कुछ दिन पहले केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी का एक आपत्तिजनक बयान आया, जिसमें उन्होंने आंदोलनकारी किसानों को चेतावनी देते हुए आदोलन खत्म करने के लिए कहा था।

केंद्रीय मंत्री की धमकी से गुस्साए किसानों ने उनके गांव में आयोजित उपमुख्यमंत्री के कार्यक्रम के मौके पर शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की थी। किसान विरोध जताने के लिए जब जमा थे तभी केंद्रीय राज्य मंत्री के समर्थकों की गाड़ियों का काफिला उनके बीच से गुजरा जिसमें एक वाहन द्वारा दुस्साहमिक ढंग से प्रदर्शनकारियों को कुचल दिया गया। सूचना मिल रही है कि केंद्रीय राज्य मंत्री का बेटा उस गाड़ी में सवार था और उक्त वाहन द्वारा रौंदकर 4 आंदोलनकारी किसानों की हत्या में उसकी संलिप्तता है।
यह घटना अंग्रेजी शासन की जुल्म ज्यादती को भी पीछे छोड़ने वाली है। आजादी के 75 साल बाद भारतीय जनता पार्टी के शासन में घटी इस घटना ने पूरे लोकतंत्र को शर्मसार कर दिया है। लग रहे आरोपों के मुताबिक 4 किसानों को केंद्रीय मंत्री के बेटे द्वारा अपनी गाड़ी से रौंदकर मार देना, उसकी निगाह में किसान की कीमत जानवर से भी कमतर होने का बोध कराता है। ऐसा प्रतीत होता है कि उसकी नजरों में देश के अन्नदाताओं की कीमत किसी भुनगे से ज्यादा नहीं है।
इस दिल दहला देने वाली घटना से पूरा देश सन्न है। ऐसे में आम आदमी पार्टी इस मामले का संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई की माग प्रदर्शन ल साथ किया। प्रदर्शन में विनोद विश्वकर्मा, सत्यप्रकाश पाण्डेय, वेद प्रकाश राय, राहुल विश्वकर्मा, सचिन, शिवानन्द विश्वकर्मा, विषय पाण्डेय, बलाफू प्रभारी, धर्मेंद्र भारती, मुकेश भारती, मोहम्मद अंसारी, विक्की, प्रेम गौतम, रामू विश्वकर्मा, सूरज भारती, संतोष भारती, मनीष कुमार आदि रहें व संचालन पंकज चौहान ने किया।
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