जौनपुर : वादी ने लगाई सीओ, थानाध्यक्ष और विवेचक पर मुकदमा दर्ज करने की गुहार

जौनपुर : वादी ने लगाई सीओ, थानाध्यक्ष और विवेचक पर मुकदमा दर्ज करने की गुहार

#15 सौ करोड़ रुपये के शेयर घोटाले का प्रकरण में वादी ने लिखा सीएम व अन्य उच्चाधिकारियों को पत्र

जौनपुर।
विश्व प्रकाश श्रीवास्तव
तहलका 24×7
                 15 सौ करोड़ रुपये के शेयर घोटाले के मुकदमें की वादिनी भुवालापट्टी निवासिनी गांव ने सीओ सिटी, थाना प्रभारी निरीक्षक जफराबाद व विवेचक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किए जाने के लिए मुख्यमंत्री व अन्य उच्चाधिकारियों को पत्र लिखी है। मामले के तूल पकड़ने के बाद से ही भूमिगत हुई वादिनी ने रजिस्टर्ड पत्र के ही माध्यम से पुलिस को अपना बयान भी भेजा है।मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) कोर्ट के आदेश पर गत 26 सितंबर को जफराबाद थाने में देश के 28 हाई प्रोफाइल लोगों के विरुद्ध लगभग 15 सौ करोड़ के घोटाले का मुकदमा दर्ज किया गया था।

विवेचना एसआई आशीष पांडेय को सौंपी गई है। विवेचक ने वादिनी के पते पर भुवालापट्टी गांव में दर्जनों बार जाकर बयान लेने का प्रयास किया, कितु वह नहीं मिलीं। वादिनी ने रजिस्ट्री के माध्यम से लिखित तौर पर अपना बयान पुलिस को डाक के जरिए भेजा है। रजिस्ट्री पर दिए गए पते के अनुसार पुलिस इंदिरा नगर थाना गोमती नगर लखनऊ के वर्तमान पते पर भी गईं वह वहां पर भी नहीं मिली।
अब बाबा बेटी ने मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश शासन, पुलिस महानिदेशक आदि को प्रार्थना पत्र लिखकर सीओ सिटी, थाना प्रभारी जफराबाद योगेंद्र सिंह, विवेचक आशीष पांडेय के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का आग्रह किया है। बाबा बेटी का कहना है कि मैंने जो बात जफराबाद पुलिस को रजिस्टर्ड पत्र के माध्यम से भेजा है, उसे ही मेरा बयान माना जाए। फिलहाल पुलिस ने अब तक मुकदमें में आगे कोई कार्रवाई नहीं की है।

# वादिनी का पता न चलने से समस्या

थाना प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र सिंह ने कहा कि वादिनी के बयान के बिना विवेचना आगे बढ़ नहीं सकती। पहली शर्त तो यही है कि वादी का नाम व पता सही हो। यदि रजिस्टर्ड पत्र के बयान को सही मानकर विवेचना की जाएगी तो कोर्ट उनको समन व नोटिस किस पते पर भेजेगी।इसकी जवाबदेही भी विवेचक की होगी।पुलिस रजिस्टर्ड पत्र में दिए लखनऊ के भी पते पर कई बार गई, लेकिन वादिनी बाबा बेटी का पता नहीं चला।

भुवालापट्टी गांव के प्रधान ने भी लिखित तौर पर दिया है कि उक्त नाम का कोई इस गांव में नहीं रहता है। दर्शाए गए पते के आस-पास के चार लोगों का बयान लिया गया है। आगे जैसा न्यायालय का आदेश हौगा, वैसा किया जाएगा। मामले की विवेचना एसपी के माध्यम से किसी उच्चस्तरीय टीम या जांच एजेंसी से कराए जाने की बात के बारे में पूछने पर कहा कि प्रथम विवेचना तो पुलिस को ही करनी होगी। इसके बाद ही किसी अन्य एजेंसी से जांच कराने औचित्य तय होगा।
Previous articleन्याय पंचायत स्तरीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता का हुआ आयोजन
Next articleजौनपुर : आसरा सेवा समिति जरुरतमंदो की सेवा में सदैव तत्पर- अतुल मिश्र
तहलका24x7 की मुहिम... "सांसे हो रही है कम, आओ मिलकर पेड़ लगाएं हम" से जुड़े और पर्यावरण संतुलन के लिए एक पौधा अवश्य लगाएं..... 🙏