जौनपुर : शवदाह के दोनों स्थलो पर सुविधाओं का टोटा

जौनपुर : शवदाह के दोनों स्थलो पर सुविधाओं का टोटा

खुटहन।
मुलायम सोनी
तहलका 24×7
                 क्षेत्र के गोमती नदी तट पर अलग अलग गांवों के दो स्थानों पर संचालित अन्त्येष्टि स्थलो पर सरकारी सुविधाओं का टोटा बना हुआ है। यहां न तो घाट पर सीढ़िया ही है, और न आगंतुको के बैठने की सुविधा ही है।

धार्मिक दृष्टि से शवदाह के घाटो की तुलना में स्थानीय पिलकिछा घाट जिले में अपना अहम स्थान रखता है। यहां गृह जनपद सहित आजमगढ़ और सुल्तानपुर जिले तक के शव अंतिम संस्कार को लाये जाते है। नित्य लगभग 30 से 35 शवों का दाह संस्कार किया जा रहा है। बावजूद इसके यहां सरकारी सुविधाओं का टोटा बना हुआ है। लगभग छह वर्ष पूर्व क्षेत्रीय विधायक शैलेंद्र यादव ललई 12 लाख की लागत से यहां टीन सेड और शौचालय तथा यहां आने वाले लोगों के बैठने के लिए सीमेंटेड सीट बनवा दिया था। वर्षो पूर्व आयी आंधी में टीन सेड उड़ गया। तब से सिर्फ दीवार और उस पर रखा लोहे का एंगल मात्र है। अब उसके भीतर कोई बैठता भी नहीं है। वहां सब कूड़ा का अंबार लग गया है।

नित्य सैकड़ों भीड़ होने वाले इस घाट पर पेयजल के नाम पर एक मात्र हैंडपंप लगा हुआ है। घाट पर जाने के लिए सीढ़ियाँ भी नहीं बनी है। विधायक रमेश मिश्रा ने यहां उजाले के लिए स्ट्रीट लाइट लगवा दिया है। जिससे रात में शवदाह को आने वाले लोगों को काफी सहूलियते मिल रही है। वहीं इसी क्षेत्र के सुतौली घाट की स्थिति और भी दयनीय है। यहां किसी भी प्रकार की कोई भी सरकारी सुविधा मयस्सर नहीं है।
घाट के बगल स्थित बाग में लोगों को बैठना पड़ता है। यहां कुछ ग्रामीण गुमटी में दुकानें चलाते है। जहाँ लगे हैंडपंप से लोगो को पानी नसीब हो रहा है। इसको लेकर डोमराज घिन्नीलाल बताते है कि घाट पर आने वाले लोगों के बैठने के साथ साथ अन्य ब्यवस्थाएं निजी तरीके से किया गया है। जो भी सरकारी सुविधाएं थी सब जीर्ण-शीर्ण हालत में पहुंच चुकी है। उन्होंने शासन प्रशासन से सुविधाएं मुहैया कराने का अनुरोध किया है।
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