जौनपुर : शाहगंज कोतवाली की सलाह.. “बच-बचाकर रहना है तो रहो, नहीं तो.. घर छोड़कर चले जाओ रिश्तेदारी”

जौनपुर : शाहगंज कोतवाली की सलाह.. “बच-बचाकर रहना है तो रहो, नहीं तो.. घर छोड़कर चले जाओ रिश्तेदारी”

# धमकी मिलने पर पीड़ित ने लगाई कोतवाली पुलिस से सुरक्षा की गुहार

# कोतवाली पुलिस के दो टूक जवाब से और भी भयभीत हुए पीड़ित

# दो वर्ष पूर्व पट्टीदरों ने की थी वादी के दो भाइयों की निर्मम हत्या

शाहगंज।
रवि शंकर वर्मा
तहलका 24×7
                  “अपराध मुक्त प्रदेश- अपना उत्तर प्रदेश” का दम्भ भरने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के राज में कोतवाली पुलिस शाहगंज ही सरकार की साख पर बट्टा लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। ताजा प्रकरण में कोतवाली शाहगंज पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाने वाले भयभीत पीड़ितों को सुरक्षा देने के बजाय बड़ी ही हैरान कर देने वाली सलाह दे डाली।

कोतवाली क्षेत्र के पट्टी चकेसर मुजफ्फरपुर गांव में दो भाइयों की हत्या और भतीजे पर जानलेवा हमले के पीड़ित वादी को अब जान से मारने और पूरा परिवार खत्म कर देने की धमकी मिल रही है। सुरक्षा की मांग करने थाने पहुंचे पीड़ित को कोतवाली पुलिस ने बड़ी ही हैरत कर देने वाली सलाह दे डाली कि “बच-बचाकर रहना है तो रहो, नहीं तो.. घर छोड़कर चले जाओ रिश्तेदारी”। कोतवाली पुलिस से दो टूक में जवाब मिलने से पीड़ित परिवार काफी भयभीत है।

उक्त गांव निवासी हरिवंश दुबे अपने दो भाइयों रामउग्र, राम केवल दुबे की हत्या और भतीजे अरविंद पर जानलेवा हमले के केस में वादी हैं। मामला न्यायालय में विचाराधीन है। पूरा परिवार मुम्बई में रहता है। मंगलवार की शाम हरिवंश मुम्बई से गांव पहुंचे हैं। बुधवार की सुबह पट्टीदारों ने इस बार पूरा परिवार खत्म करने व खेत आदि पर कब्जा करने की धमकी दी। आरोप है कि न्याय के लिए जब वह कोतवाली पहुंच कर घटना की तहरीर दी तो प्रभारी निरीक्षक ने सुरक्षा के बाबत “बच-बचाकर रहने या घर छोड़कर रिश्तेदार के घर रहने की” सलाह दे डाली। घटना की जानकारी होने पर पीड़ित के पुत्र सुरेश दुबे ने उच्चाधिकारियों से बात करके पिता के सुरक्षा की गुहार लगायी है।

बताते चलें कि राम उग्र दुबे का अपने पट्टीदार राधेश्याम उर्फ जोखेलाल से जमीनी विवाद चल रहा था। राम उग्र के परिवार के लोग मुंबई और दिल्ली में रहते हैं। हरिवंश के भाई राम केवल की पत्नी गीता देवी के निधन पर परिवार के लोग तेरहवीं करने के लिए गांव आए थे। तेरहवीं से एक दिन पहले विगत 10 मार्च 2019 को राधेश्याम और उसके पुत्रों वीरेंद्र, मोनू, रविन्द्र, धर्मेंद्र, अभिषेक, पवन व विपिन दुबे ने घर पर धावा बोलकर ताबड़तोड़ फायरिंग की जिसमें राम केवल और राम उग्र की मौत हो गई थी। राम केवल के पुत्र अरविन्द दुबे के पेट में गोली लगी थी। उक्त घटना से पूर्व विवाद होने पर कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की गई थी। लेकिन तब भी पुलिस ने मामले को काफी हल्के में लिया और बदमाशों ने दोहरा हत्याकाण्ड को अंजाम दे दिया।
Previous articleजौनपुर : ट्रेन के सामने कूदी वृद्धा, हुई दर्दनाक मौत
Next articleजौनपुर : नगर पालिका का बृहद सफाई अभियान बना आमजनों के लिए जी का जंजाल
तहलका24x7 की मुहिम... "सांसे हो रही है कम, आओ मिलकर पेड़ लगाएं हम" से जुड़े और पर्यावरण संतुलन के लिए एक पौधा अवश्य लगाएं..... 🙏