जौनपुर : संविधान निर्माता डॉ अम्बेडकर की मनाई गई जयंती

जौनपुर : संविधान निर्माता डॉ अम्बेडकर की मनाई गई जयंती

जौनपुर।
विश्व प्रकाश श्रीवास्तव
तहलका 24×7
                    भारतीय जनता पार्टी जौनपुर के जिलाध्यक्ष पुष्पराज के अध्यक्षता में अंबेडकर जयंती को पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। जिसमें बतौर मुख्य अतिथि जिला प्रभारी पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश त्रिवेदी ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर साहेब ने संविधान में देश के हर नागरिक के अधिकारों का संरक्षण किया और समाज के निम्न वर्ग का विशेष ध्यान रखा। उन्होंने आगे कहा कि बाबा साहेब का व्यक्तित्व काफी बड़ा था और उनका सम्मान केवल एक समुदाय तक सीमित नहीं कर सकता, इसलिए भाजपा ने उनकी जयंती को समरस्ता दिवस के रूप में मनाने का फैसला लिया ताकि समाज का हर वर्ग इसमें शामिल रहे।

उन्होंने आगे कहा कि अम्बेडकर जी एक जाने माने राजनेता व प्रख्यात विधिवेत्ता थे इन्होंने देश में से छुआ छूत, जातिवाद को मिटाने के लिए बहुत से आन्दोलन किये इन्होंने अपना पूरा जीवन गरीबों को दे दिया, दलित व पिछड़ी जाति के हक के लिए इन्होंने कड़ी मेहनत की अपने अच्छे काम व देश के लिए बहुत कुछ करने के लिए अम्बेडकर जी को 1990 में देश के सबसे बड़े सम्मान भारत रत्न से नवाजा गया। जिलाध्यक्ष पुष्पराज सिंह ने कहा कि अम्बेडकर जी अपने माँ बाप की 14वीं संतान थे उनके पिता इंडियन आर्मी में सूबेदार थे व उनकी पोस्टिंग इंदौर के पास महू में थी, यहीं अम्बेडकर जी का जन्म हुआ।

1894 में रिटायरमेंट के बाद उनका पूरा परिवार महाराष्ट्र के सतारा में शिफ्ट हो गया, स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद अम्बेडकर जी को आगे की पढाई के लिए बॉम्बे के एल्फिनस्टोन कॉलेज जाने का मौका मिला, पढ़ाई में वे बहुत अच्छे व तेज दिमाग के थे, उन्होंने सारे एग्जाम अच्छे से पास करे थे इसलिए उन्हें बरोदा के गायकवाड के राजा सहयाजी से 25 रूपए की स्कॉलरशिप हर महीने मिलने लगी उन्होंने राजनीती विज्ञान व अर्थशास्त्र में 1912 में ग्रेजुएशन पूरा किया। उन्होंने अपने स्कॉलरशिप के पैसे को आगे की पढ़ाई में लगाने की सोची और आगे की पढाई के लिए अमेरिका चले गए, अमेरिका से लौटने के बाद बरोदा के राजा ने उन्हें अपने राज्य में रक्षामंत्री बना दिया। उक्त अवसर पर जिला महामंत्री सुशील मिश्रा, धनन्जय सिंह, विनीत शुक्ला, विपिन द्विवेदी रोहन सिंह आदि उपस्थित रहे।
Apr 14, 2021

Previous articleरोज़ा सिर्फ मुंह और पेट का ही नहीं.. यह आंख, कान, नाक और ज़ुबान का भी होता है, रोज़ा पाकीज़गी की शर्त है..
Next articleजौनपुर : दर्जनों किसानों की 50 बीघा गेहूं की फसल अगलगी की घटना में जलकर खाक
तहलका24x7 की मुहिम... "सांसे हो रही है कम, आओ मिलकर पेड़ लगाएं हम" से जुड़े और पर्यावरण संतुलन के लिए एक पौधा अवश्य लगाएं..... 🙏