जौनपुर : समाजसेवी ने लगाया ग्राम प्रधान पर भ्रष्टाचार का आरोप..

जौनपुर : समाजसेवी ने लगाया ग्राम प्रधान पर भ्रष्टाचार का आरोप..

# ग्राम निधि का हुआ बंदरबांट, विकास कार्य शून्य

# 2019 से लगातार शिकायत के बाद भी नही हुई एक भी जांच, अधिकारियों की मौन स्वीकृति

जौनपुर।
विश्व प्रकाश श्रीवास्तव
तहलका 24×7
            सरकार जिनके रहने के लिए छत नहीं है उनको प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निःशुल्क आवास देकर उनको छत देने का कार्य कर रही है। जिससे उसकी सराहना चहुंओर हो रही है लेकिन विकास खण्ड खुटहन के एक गांव में प्रधान अपने चहेतों को धुंआधार आवास देकर गरीबों पात्रों को अनदेखा कर दिया जिसके खिलाफ जिलाधिकारी को प्रार्थना-पत्र देकर जांच की मांग किया था लेकिन दुर्भाग्य है कि आज तक एक भी जांच पूर्ण नहीं हो सकी।

जानकारी के अनुसार उक्त विकास खण्ड छताईकलां निवासी अखिलेश कुमार सिंह ने जिलाधिकारी सहित मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव सहित दर्जनों उच्चाधिकारियों को प्रार्थना-पत्र देकर ग्राम प्रधान के खिलाफ ग्राम विकास निधि के बंदरबांट का आरोप लग् कर जांच की मांग की थी। ग्राम प्रधान के खिलाफ 2019 से अब तक लगातार उच्चाधिकारियों से जांच की मांग करते रहे लेकिन ग्राम प्रधान ने अपने रसूक के बल पर आज तक किसी जांच अधिकारी को गांव में भटकने नही दिया।

 

आरोप है कि गांव निवासी मोतीलाल, राजकुमार, शंकर, विनोद, अखिलेश, लालता, जिलाजीत व त्रिभुवन के पहले से पक्का मकान हुआ है जो प्रधानमंत्री आवास योजना के श्रेणी से बाहर है। फिर भी नियम कानूनों को ताख रखते हुए ग्राम प्रधान ने अपने चहेतों को आवास वितरित कर दिया। जिससे जिन गरीबों के पास रहने के लिए छत नहीं है। वह लाभ लेने से कोसो दूर हो गए। इसके अलाव गांव निवासी राजकुमार की पत्नी क्षेत्र पंचायत सदस्य भी है उसे भी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र बनाकर योजना का लाभार्थी बना दिया।

इसके साथ ही साथ गांव निवासी जन्तलाल और जियालाल को गौशाला दिया गया है जबकि गौशाला में पशु के नाम पर कोई चीज़ नहीं है। इस तरह से ग्राम प्रधान सरकारी धन का विकास कार्य के बजाय भविष्य में अपनी राजनीतिक गणित बैठाने के नियति से धन का जमकर दुरुपयोग किया गया है। जिससे गरीब के हितों में चलाई जा रही योजना से गरीब कोसों दूर छूट गए है।

ऐसे में प्रधान के खिलाफ किये गए कार्यों की जांच कराने और कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए प्रार्थना-पत्र दिया गया लेकिन दुर्भाग्य है कि तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी अभी तक जांच नहीं हो सकी। इस तरह का खेल प्रधान द्वारा जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से मिलकर किया गया है उक्त गांव निवासी समाजसेवी अखिलेश सिंह ने एक प्रेस वार्ता केमाध्यम से गांव के सम्पूर्ण कार्यों की बिंदुवार जांच की मांग किया है।
Mar 21, 2021

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