जौनपुर : सरकार व्यापारियों को देख रही है उपेक्षा भरी नजरों से- बनवारी लाल

जौनपुर : सरकार व्यापारियों को देख रही है उपेक्षा भरी नजरों से- बनवारी लाल

# मांग : समाप्त की जाए शनिवार एवं रविवार की साप्ताहिक बंदी, व्यापारियों को दिया जाए राहत पैकेज

जौनपुर।
विश्व प्रकाश श्रीवास्तव
तहलका 24×7
               उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल के प्रांतीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद बनवारी लाल कंछल ने सरकार से मांग की है कि कोरोना महामारी के दौरान उत्तर प्रदेश के सभी जिलों, तहसीलों में व्यापारियों का भारी नुकसान हुआ है। दुकान के कर्मचारियों को वेतन तक देने में भारी कठिनाई हो रही है। बिक्री बंद होने के कारण प्रदेश के बाहर से आने वाले माल का भुगतान न भेज पाने से माल मिलना मुश्किल हो रहा है।
प्रांतीय अध्यक्ष बनवारी लाल कंछल ने कहा कि इस समय प्रदेश में शनिवार, रविवार दो दिनों की साप्ताहिक बंदी चल रही है। लाकडाउन की बंदी और मंदी के कारण व्यापारी इस समय बहुत पीड़ित है। सरकार ने उसे किसी भी प्रकार की राहत नहीं दी है। इसलिए मैं सरकार से मांग करता हूं कि दो दिनों की साप्ताहिक बंदी समाप्त करके पूर्व की साप्ताहिक बंदी बहाल की जाये।

वहीं लाॅकडाउन के दौरान व्यापारियों के खिलाफ छोटी- मोटी बातों पर जो भी एफआईआर लिखी गयी हैं वे सभी वापिस ली जाये प्रांतीय अध्यक्ष बनवारी लाल कंछल ने कहा कि प्रदेश व्यापार मण्डल ने 12 मई को एक पत्र लिखकर मुख्यमंत्री योगीजी से कोरोना मृतक व्यापारियों को 10 लाख रुपये का आर्थिक मुआवजा देने की मांग की थी। इस सम्बन्ध में सरकार ने अभी तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया जबकि प्रदेश के कोविड से मृतक कर्मचारियों को सरकार 50 लाख रुपये का मुआवजा दे रही है।इस प्रकार सरकार व्यापारियों को उपेक्षा भरी नजरों से देख रही है। जनता की सेवा करने वाले व्यापारियों के प्रति ऐसा रवैया उचित नहीं है। प्रांतीय अध्यक्ष बनवारी लाल कंछल ने कहा कि पूरे प्रदेश में दो माह से बंद रहे बाजारों के कार प्रदेश के व्यापारियों का कई अरबों रुपयों का नुकसान हुआ है।
इस प्रदेश के व्यापारियों ने सरकार के सभी आदेश का लगातार पालन किया है इसलिए व्यापारियों के प्रति दयाभाव रखते हुए मुख्यमंत्री जी को चाहिए कि वे अविलम्ब व्यापारियों के लिए एक आर्थिक पैकेज की घोषणा करें। इस घोषणा में बिजली बिल माफी, बैंक लोन की माफी, नगर निगम, जिला पंचायत, नगर पंचायत, नगर परिषद एवं मंडी विभाग दुकानों के किराये की माफी के अलावा नुकसान की भरपाई के लिए व्यापारियों को जीएसटी में मंडी में पांच प्रतिशत माफी का आर्थिक पैकेज दिया जाये जिससे व्यापारियों को कुछ राहत मिल सकेगी।
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