जौनपुर : सूचना का अधिकार की जागरूकता के लिए संगोष्ठी आयोजित

जौनपुर : सूचना का अधिकार की जागरूकता के लिए संगोष्ठी आयोजित

जौनपुर।
विश्व प्रकाश श्रीवास्तव
तहलका 24×7
                 राज्य सूचना आयुक्त प्रमोद कुमार तिवारी द्वारा सिकरारा थाना क्षेत्र के ग्राम शाहपुर में आयोजित क्षेत्र के प्रमुख एवं गणमान्य व्यक्तियों की सूचना का अधिकार विषयक गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए बताया गया कि सूचना का अधिकार एक पवित्र एवं महत्वपूर्ण अधिकार है। भारत की संसद ने आम नागरिकों के सशक्तिकरण हेतु इस क़ानून को पारित किया है।सूचना का अधिकार आम नागरिकों को यह अधिकार देता है की वह किसी भी लोक प्राधिकारी के अधीन नियुक्त जन सूचना अधिकारी से उस जनसूचना अधिकारी के पास अथवा उसके अधीन आने वाली सूचना को किसी आवेदक द्वारा माँगे जाने पर 30 दिवस के अंतर्गत माँगी गयी सूचना देने के लिए बाध्य है।

यदि जनसूचना अधिकारी निर्धारित अवधि में माँगी गयी सूचना देने में असमर्थ रहता है तो वादी प्रथम अपीलीय अधिकारी के यहाँ अपील कर सकता है। यदि उसे अपीलीय अधिकारी से अनुतोष नहीं प्राप्त होता है तो वह राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील दायर कर सकता है। राज्य सूचना आयोग यदि यह पाता है कि जनसूचना अधिकारी द्वारा बिना पर्याप्त कारण के सूचना प्रदान करने में विलम्ब किया गया है अथवा इन्कार किया गया है तो आयोग दोषी जनसूचना अधिकारी पर २५००० हज़ार रुपए तक का अर्थदंड लगा सकता है ।
माननीय सूचना आयुक्त ने उपस्थित जन समूह को अवगत कराया कि वे सूचना के अधिकार के तहत ग्राम विकास अधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक से सूचना माँग सकते हैं।

श्री तिवारी ने बताया कि उन्होंने अपने पौने तीन साल के कार्यकाल में लगभग १३००० अपीलों का निस्तारण किया है तथा एक हज़ार के क़रीब दोषी अधिकारियों को दंडित भी किया है। सूचना का अधिकार अधिकार अधिनियम द्वारा लोक प्राधिकार में व्याप्त अनेको भ्रष्टाचार को उजागर करने में सफल रहा है। सूचना आयुक्त महोदय ने चिंता व्यक्त करते यह भी कहा कि यद्यपि सूचना का अधिकार अधिनियम सूचना माँगने का कारण नहीं पूछता है, किंतु ग्राम पंचायत स्तर पर प्रायः सूचना गाँव में आपसी प्रतिद्वंद्विता के कारण माँगी जाती है जिसके कारण गाँव में सामंजस्य कम होता है तथा विकास प्रभावित होता है। गोष्ठी में शाहपुर, भोईला, मुकुंदीपुर, बरईपार, भीलमपुर समेत अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित हुए। अंत में सर्वोदय इंटर कॉलेज के पूर्व प्रिन्सिपल श्री दीनानाथ ने अपने अध्यक्षीय भाषण में सूचना के अधिकार अधिनियम की अपरिहार्यता को रेखांकित किया। श्री विनोद तिवारी प्रिन्सिपल स्वामी विवेकानंद इंटर कॉलेज ने उपस्थित अतिथियों का धन्यबाद ज्ञापन किया।

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