जौनपुर : सेंट थॉमस कॉलेज का छात्र कोरोना योद्धा के रूप में हुआ सम्मानित

जौनपुर : सेंट थॉमस कॉलेज का छात्र कोरोना योद्धा के रूप में हुआ सम्मानित

# विद्यालय परिवार के साथ प्रधानाचार्य ने दी बधाई

शाहगंज।
राजकुमार अश्क
तहलका 24×7
                 जिस वक्त सारी दुनिया कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के कारण अपने घरों में कैद होने के लिए मजबूर थी, अपना खून अपनों से दूरी बना कर रहने को मजबूर था उस समय सेंट थॉमस इंटर शाहगंज के कक्षा 10 का छात्र अस्मित सेठ जिसे लोग बालयोगी करन गुरु के नाम से भी जानते हैं वह सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शाहगंज में मदर निसा फाउंडेशन के तत्वावधान में कोविड-19 एल-1 में भर्ती मरीजों को योगाभ्यास करा कर उनके अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के साथ साथ उन्हें अवसाद से मुक्त होने में मदद कर रहा था।

यह बालयोगी बचपन से ही दूसरों की सेवा में आनंद का अनुभव करता रहा है इसी कारण इसने अपनी जान की परवाह किये बगैर नर सेवा का मार्ग चुना और “नर सेवा नारायण सेवा” की भारतीय कहावत को चरितार्थ किया। इस बालक के जज्बे को देखते हुए सामाजिक संस्था लायंस क्लब ने कोविड मरीजों को योगाभ्यास करने के लिए योगा आसनी भी उपलब्ध करा दी थी।
जिससे मरीजों को योगाभ्यास करने में काफी सुविधा हो गयी। करन गुरु के योगाभ्यास के समय अस्पताल में भर्ती मरीजों के साथ-साथ चिकित्सक भी योगाभ्यास करते थे, इस बालक को योगा के विषय में कितनी जानकारी है इस बात का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह हर योग के विषय में बहुत बारिकी से बताता था कि किस योग को करने से क्या लाभ मिलता है और कौन सा योगाभ्यास किसे करना चाहिए और किसे नहीं करना चाहिए।

बालयोगी करन ने कोरोना मरीजों को कई ऐसे योग क्रिया की जानकारी दी जिससे उन्हें बहुत लाभ मिला और कोविड-19 एल-1 में भर्ती सभी मरीज पूरी तरह से ठीक होकर अपनों के बीच फिर से पहुँच गये। उसी कोरोना योद्धा बालक अस्मित सेठ को आज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शाहगंज के अधीक्षक डॉ रफीक फारूकी एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ अमित कुमार सिंह द्वारा एक स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस विषय में अधीक्षक ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इस बालक के साहस की मैं प्रशंसा करता है कि जिस समय लोग एक दूसरे से दूरी बना कर रखते थे उस वक्त यह बालक हमारे बीच में आकर भर्ती मरीजों को जीवन जीने के लिए प्रेरणा देता था उनके अंदर अपने योगासन के द्वारा नयी चेतना भरता था इसका योग कराने का तरीका इतना अच्छा लगता था कि मेरा स्टाफ भी योगाभ्यास करने लगा था।
वहीं डॉ अमित कुमार ने अपनी खुशी का इज़हार करते हुए कहा कि मैं यहाँ पर रहूं या न रहूं मगर इस बालक को भूलना मेरे लिए असंभव है यह इतना मिलनसार बालक है कि एक पल में सबकों अपना बना लेता है। इसकी सौम्यता और सरलता सबकों अपनी ओर खीच लेता है। मैं इस बालक के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए अपना आशीर्वाद देता हूं कि यह इसी तरह आगे बढ़े, हम सब का सहयोग हमेशा इस बालक के साथ रहेगा।

इस अवसर पर बालयोगी करन के गुरु योगाचार्य ओम प्रकाश चौबे भी उपस्थित रहे। उन्होंने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मुझे अपने शिष्य पर आज गर्व हो रहा है, आज मेरी दी गई शिक्षा का मेरे शिष्य ने सही उपयोग करते हुए मेरा सिर गर्व से ऊंचा कर दिया, मैं अपने शिष्य को आशीर्वाद देता हूं कि यह इसी तरह समाज में आगे बढ़ते हुए मेरा तथा अपने माता पिता का नाम रोशन करे।
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