जौनपुर : हटाए जा रहे हैं 70 साल से मलाई खाने वाले लोग- डॉ संजय निषाद

जौनपुर : हटाए जा रहे हैं 70 साल से मलाई खाने वाले लोग- डॉ संजय निषाद

# गरीबी एक बीमारी है, आरक्षण ही दवाई है- डॉ सूर्यभान यादव

जौनपुर।
रवि शंकर वर्मा
तहलका 24×7
                 बीआरपी इंटर कॉलेज के मैदान में निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार का एमएलसी बनने के बाद पहली चुनावी रैली एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिममें निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं ने संजय निषाद का भव्य स्वागत किया।
श्री निषाद ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा यह हमारे समाज का प्यार और स्नेह है। जिसकी बदौलत देश आजाद हुआ था और संविधान बना था। 70 साल से मलाई खाने वाले लोग अब हटाए जा रहे हैं। 70 साल से इस देश को आजाद कराने वाले लोग को सत्ता के करीब पहुंचाया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी की केंद्र और प्रदेश दोनों के नेतृत्व में बधाई दूंगा अपने नेताओं और अपने समाज के शुभचिंतकों को भी बधाई दूंगा जो मेरे जैसे एक छोटे से परिवार में जन्मे व्यक्ति के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का काम किया। कहा सबका साथ सबका विकास होना चाहिए। हर आदमी का वोट बराबर है। शिक्षा स्वास्थ्य रोजगार और उद्योग में सबकी बराबर हिस्सेदारी होनी चाहिए। निषाद पार्टी वंचितों की आवाज बनी जिनको दो जून की रोटी नहीं, कपड़ा नहीं है और सर पर छत नहीं है ऐसे लोग जो वंचितों के हिस्सों पर डाका डालते थे उन्हें 2014 से मैंने हटाना शुरू किया।
डॉक्टर संजय निषाद ने कहा कि जिन्हें सपा, बसपा ने गुमराह कर रखा है अब उन्हें निषाद पार्टी की विचारधारा पढ़ाई जाएगी। हमारी सेना पर कब्जा किया था हाथी, साइकिल और पंजा ने उनसे मैंने छीना और सेनापति बन गया। भारतीय जनता पार्टी की सरकार के साथ 2019 में था। 2022 के चुनाव में जितनी सीटें निर्धारित की है एनडीए ने भारतीय जनता पार्टी अपना दल और निषाद पार्टी मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। एनडीए ने जो सीट निर्धारित की है उससे अधिक सीट पर कब्जा होगा। कहा कि जौनपुर की नौ विधानसभा सीट पर जीत हासिल कर भारतीय जनता पार्टी और निषाद पार्टी का संयुक्त झंडा लहराया जाएगा।
वहीं निषाद पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एंव शाहगंज विधानसभा प्रत्याशी डॉ सूर्यभान यादव ने कहा कि पहले तो मेरा समाज आरक्षण जानता ही नहीं था। गरीबी एक बीमारी है, आरक्षण ही दवाई है। हाथी, साइकिल और पंजा ने देश को बर्बाद कर दिया। कहा वो आरक्षण जो निषादों के लिए संविधान में लिखा है वह इन्हें जल्द मिलेगा। निषादों का नाम जो पिछड़ी में पड़ा है उसे निकालने की कवायद शुरू हो गई है। समय आने पर सीट भी मिलेगी जीत भी मिलेगी आरक्षण भी मिलेगा और जो रोजी-रोटी है वह भी मिलेगी। जो मुकदमे हैं वह भी वापस होंगे। फूलन देवी की हड़पी हुई जमीन को वापस उनकी मां को दिलाऊंगा।
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