जौनपुर : हैरतअंगेज ! डीएम साब का नहीं है खौफ…

जौनपुर : हैरतअंगेज ! डीएम साब का नहीं है खौफ…

# अनुदेशक शिक्षिका बेलौस बोली- डीएम के आने पर भी नहीं होगा नाम संसोधन

# स्कूल की मनमानी का अभिभावक ने लगाया आरोप..

खेतासराय।
अज़ीम सिद्दीकी
तहलका 24×7
                    विकास खण्ड शाहगंज सोंधी स्थित कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय सोंधी में तैनात अनुदेशक शिक्षिका सरिता की कार्य शैली से अभिभावक त्रस्त है विद्यालय द्वारा मनमाने ढंग से छात्रों के परिजनों का मानसिक शोषण किया जाता है जो परिषदीय विद्यालय की शाख पर बट्टा है।
सोंधी गांव निवासी छात्र सत्यम पुत्र बसंत का मामला प्रकाश में आया है जो उक्त विद्यालय से कक्षा आठ की परीक्षा पास कर चुका है उसके अंक पत्र व ट्रांसफर सर्टिफिकेट पर उसकी माता का नाम त्रुटि वश गलत हो गया है छात्र की माता का नाम मीरा है और अंक पत्र व ट्रांसफर सर्टिफिकेट पर रेखा अंकित हो गया है जो सही नहीं है इसी का संशोधन कराने के लिए उक्त छात्र का परिवार हलफनामा व आधार कार्ड सहित आवश्यक आईडी प्रूफ लेकर विद्यालय पहुंचा और नाम संशोधन की बात कही तो तो यह सुनते ही विद्यालय में तैनात अनुदेशक शिक्षिका ने अपना आपा खो दिया और परिजनों से अभद्रता करना शुरू कर दिया।

परिजन छात्र हित मे नाम संशोधन की दुहाई देते रहे छात्र के भविष्य की बात करते रहे लेकिन उक्त शिक्षिका अपने रसूक के बल पर परिजनों की एक न सुनी और अपमानित करती रही। कहा कि “यदि जिलाधिकारी भी आकर कहें तो भी नाम संशोधन नहीं होगा” शिक्षिका के स्थानीय निवासी होने के कारण प्रधानाध्यापिका व सहायक अध्यापक भी खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं। अनुदेशक शिक्षिका अपने रसूक के बल पर मनमाने ढंग से विद्यालय चलाती है। समय का कोई प्रतिबंध नहीं है और न ही विद्यालय आने-जाने का समय निर्धारित है। स्थानीय होने के कारण विद्यालय पर वर्चस्व कायम है। पीड़ित परिवार हफ्तों से नाम संशोधन करने के लिए विद्यालय का चक्कर काट रहे है।
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