झूमकर बरसे बदरा : वाराणसी में 96.4 मिलीमीटर बारिश,

झूमकर बरसे बदरा : वाराणसी में 96.4 मिलीमीटर बारिश

# शहर से गांव तक जनजीवन अस्त व्यस्त, चहुंओर पानी ही पानी

वाराणसी।
मनीष वर्मा
तहलका 24×7
                  वाराणसी में 13 जून को मानसून की दस्तक के पांचवें दिन बृहस्पतिवार को एक दिन में ही 96.4 मिलीमीटर बारिश हुई। जून महीने की बात करें तो इस साल मानसून आने के बाद बृहस्पतिवार को बादल झूमकर बरसे। इधर तापमान में भी सात डिग्री की कमी दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अभी तीन चार दिन तक ऐसे ही मौसम बना रहेगा और हल्की से तेज बारिश होगी।

मानसून से पहले नगर निगम की ओर से किए जा रहे तमाम दावों और तैयारियों को बृहस्पतिवार को हुई मूसलाधार बारिश ने आईना दिखाने का काम किया है। जिले भर में जलभराव से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। लगातार हो रही बारिश ने भले ही लोगों को गर्मी से राहत दिलाई हो। लेकिन शहर के सभी प्रमुख और निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों की दुश्वारियों में उफान आ गया।

सड़कें, घर हो या दुकान और दफ्तर सब पानी से लबालब हो गए। लंका से लेकर वरूणा पार तक और सारनाथ से अंधरापुल तक हर तरफ जलभराव रहा। तहसील, नगर निगम, वीडीए, कलेक्ट्रेट, पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय में पानी लगा रहा। आम तौर पर 20 से 25 जून तक मानसून के आने का समय होता है लेकिन इस बार समय से पहले मानसून की दस्तक के बाद से ही मौसम वैज्ञानिकों ने अच्छी बारिश की संभावना जताई थी।
सोमवार, मंगलवार को भी दो दिन में 40 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई। बृहस्पतिवार को सुबह करीब छह बजे से शुरू होकर शाम 4 बजे तक तेज बारिश होती रही। इसके बाद बारिश की रफ्तार थोड़ी कम हुई लेकिन, बूंदाबांदी का क्रम जारी रहा। तापमान में भी सात डिग्री की कमी दर्ज की गई है।

बुधवार को अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री की तुलना में सात डिग्री कम होकर बृहस्पतिवार को 27 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। इसके अलावा न्यूनतम तापमान 25.3 की जगह 24.2 डिग्री सेल्सियस रहा। बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि जिस तरह से बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर बना है, उससे बारिश होती रहेगी।
मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय ने बताया कि इस महीने अच्छी बारिश की संभावना है।मानसून की दस्तक के बाद अब तक पांच दिन (13 जून से 17 जून) में 136 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। इससे लोगों को उमस से राहत तो मिली है, लेकिन जगह-जगह जलभराव से मुसीबत भी बढ़ी है। इस वजह से तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

नगर निगम के नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एनपी सिंह ने बताया कि बारिश बहुत अधिक हुई है। पानी निकालाने का प्रयास किया जा रहा है। चार स्थानों पर अधिक दिक्कत आई। सरैया डाट पुल, अंधरापुल, नई सड़क और रवींद्रपुरी में पानी निकालने के लिए टीम लगाई गई है। शहर को जलजमाव से मुक्ति के लिए कागजों पर प्लान बनाया गया। पिछले 10 सालों में करीब 450 करोड़ के प्रस्ताव तैयार किए गए। ड्रेनेज सिस्टम तो तैयार हुआ लेकिन खामियों के कारण उसको शुरू नहीं किया जा सका।

विशेश्वरगंज मंडी में बारिश से व्यापारियों का करोड़ों रुपये का खाद्यान्न भीग गया। भैरवनाथ व्यापार मंडल के अध्यक्ष प्रतीक गुप्ता ने बताया कि दुकान में पानी जाने से खाद्यान्न भीग गया। ऊपर से सीवर ओवरफ्लो कर गया। जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन होगा। जलभराव के बीच बंद गाड़ियों को स्टार्ट करने के लिए मोटर मैकेनिकों ने एक गाड़ी स्टार्ट करने के नाम पर 20 से 50 रुपये वसूले।  
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