तीन लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए लेबर कमिश्नर रंगे हाथों गिरफ्तार

तीन लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए लेबर कमिश्नर रंगे हाथों गिरफ्तार

# तलाशी में घर से 5 लाख 37 हजार बरामद, दो अन्य अधिकारी भी गिरफ्तार

# दूसरे अधिकारी के घर से भी मिले 10 लाख रुपए

लखनऊ/जयपुर।
विजय आनंद वर्मा
तहलका 24×7
                राजस्थान एसीबी ने शुक्रवार देर रात जयपुर के गांधीनगर में बड़ी कार्रवाई करते श्रम विभाग के लेबर कमिश्नर प्रतीक झांझड़िया को 3 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी कमिश्नर यह बंधी हुई मासिक राशि दलालों के मार्फत श्रम विभाग के अफसरों से वसूल रहा था। एसीबी के डीजी बीएल सोनी व एडीजी दिनेश एमएन के निर्देशन व डीएसपी मांगीलाल के नेतृत्व में गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
                 बुरे फंसे लेबर कमिश्नर प्रतीक झांझड़िया
एसीबी ने लेबर कमिश्नर के साथ दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है, इनमें एक आर्थिक सलाहकार परिषद में विशेषाधिकारी रवि मीणा है, दूसरा अमित शर्मा दलाल है। श्रम आयुक्त को व उसके साथ दो अन्य लोगों को गिरफ्तार करने के बाद एसीबी की देर रात से आज दिन में खबर लिखे जाने तक झांझड़िया के वैशाली नगर स्थित घर पर सर्च कार्यवाही जारी थी। इस घूस प्रकरण में सवाई माधोपुर एवं चित्तौडग़ढ़ में श्रम कल्याण अधिकारी शिवचरण मीणा और करौली में श्रम कल्याण अधिकारी रमेश मीणा की भूमिका की बात सामने आई है।

इसके बाद एसीबी ने अलग-अलग टीमों को शिवचरण मीणा और रमेश मीणा के घर पर भी कार्रवाई के लिए भेजा है। प्रतीक झांझड़िया मूल रुप से झुंझुनूं के रहने वाले है, वह राजनीतिक प्रभाव से डाक सेवा से डेपुटेशन पर राजस्थान में आए थे, जबकि इस पोस्ट पर अक्सर आईएएस, सीनियर आरएएस रैंक के अफसर ही कमिश्नर की नियुक्ति होती है। झांझड़िया भारतीय डाक सेवा में वर्ष 2011 बैच के अफसर हैं, वह पहले बिजनस विभाग, डाक सेवा में डिप्टी जनरल मैनेजर थे। इसके बाद राजस्थान में डेपुटेशन पर आ गए।

# एसीबी की कई जगहों पर छापे की कार्रवाई…

राजस्थान में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने ये कार्रवाई डीजी बीएल सोनी, एडीजी दिनेश एमएन के निर्देशन पर की।इसी क्रम में राजस्थान के आर्थिक मुख्य सलाहकार परिषद के विशेषाधिकारी रवि मीणा और निजी व्यक्ति अमित शर्मा को भी गिरफ्तार किया गया है। इनके जरिए ही करौली, सवाईमाधोपुर और चित्तौड़गढ़ में अधिकारियों द्वारा जमा की गई रिश्वत की रकम श्रम आयुक्त को देने के लिए लाई गई थी। प्रतीक झाझड़िया के निवास की तलाशी में तीन लाख रूपये के अतिरिक्त 5 लाख 37 हजार रूपये बरामद हुये हैं। करौली के श्रम कल्याण अधिकारी रमेश मीणा के निवास की तलाशी में 10 लाख 83 हजार रूपये की राशि बरामद हुई है। प्रकरण में विभिन्न जिला श्रम कल्याण अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
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