दिल्ली का पाताल लोक : लोगों की पीड़ा सुनकर आ जाएंगे आंसू

दिल्ली का पाताल लोक : लोगों की पीड़ा सुनकर आ जाएंगे आंसू

# सड़क मिली तो जमींदोज हो गई मंजिल, सीढ़ी लगाकर घर में करते हैं प्रवेश

नई दिल्ली।
स्पेशल डेस्क
तहलका 24×7
                हर किसी का सपनों का घर होता है। अपने सपनों के आशियाने में हर कोई सुख-शांति चाहता है। लेकिन जब सपनों का घर बेसमेंट की तरह बन जाए व सांप, बिच्छुओं का उसमें आना जाना लगा रहे तो डर वहां अपना डेरा डाल लेता है। ऐसा ही कुछ हो रहा है जिंदपुर गांव के पास की उत्तराखंड कालोनी में। यह कालोनी दिल्ली का पाताल लोक है। यहां पर सड़कें इतनी ऊंची बनाई जा रही हैं कि लोगों के घर एक-एक मंजिल नीचे चले गए हैं। अब उनको सीढ़ी लगाकर सड़क पर चढ़ना पड़ता है। यह सड़क बनने से लोगों की जिंदगी में ऐसा भूकंप आया है कि लोग यहां से घर खाली करके दूसरी जगह जाने को मजबूर हैं।

दरअसल उत्तराखंड कालोनी में लोगों ने घर बना रखे थे। अब वहां पर करीब दस फिट ऊंची रोड बनाई जा रही है। इस वजह से घर नीचे व सड़क काफी ऊपर हो गई है। ऐसे में नालियों का गंदा पानी व बारिश का पानी लोगों के घरों में घुस रहा है। ऐसे में सांप व बिच्छू लोगों के घरों में आ जा रहे हैं। लोगों के पास इतने पैसे हैं नहीं कि वह अब घरों के ऊपर घर बना सकें। मजबूरन उनको अपने रिश्तेदारों के पास या किराये के घर में जाना पड़ रहा है। सौ से ज्यादा घरों में रह रहे करीब ढाई हजार लोगों के सामने अब यह संकट आ गया है। हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि सड़क बनने से अच्छा हुआ है।

# घर में कैद हुए बुजुर्ग व बच्चे

उत्तराखंड कालोनी में बुजुर्ग व बच्चे बेसमेंटनुमा घर में कैद होकर रह गए हैं। क्योंकि बुजुर्ग सीढ़ी चढ़ नहीं पाते हैं और बच्चों की सड़क पर हर समय देखभाल की नहीं जा सकती। इसलिए बच्चों को घरों में ही रखते हैं। वहीं कई घरों में तो करीब दो फिट के ही दरवाजे लगे हैं। बिजली के मीटर भी अब तो सड़क से एक फिट ऊपर ही लगे नजर आ रहे हैं।

स्थानीय निवासी पूजा ने बताया कि आठ साल से कालोनी में रह रही हूं। अब सड़कें करीब दस फिट ऊंची उठा दी गई हैं। सीढ़ी लगाकर अपने घर में उतरना व चढ़ना पड़ता है। इलाके के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

स्थानीय निवासी नीलम ने कहा कि सड़क ऊंची बनने से कालोनी में कई लोगों के गेट तो स्थाई रूप से बंद हो गए हैं। घरों में सांप व अन्य जंगली जानवर घुस जाते हैं। नालियों की सफाई नहीं की जाती, इसलिए गंदा पानी घरों में गिरने लगता है। खुद ही नालियों की सफाई की जाती है।

वहीं, सीमा ने बताया कि हालात इतने खराब हो गए हैं कि सीढ़ी का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। जिन लोगों के पास घर दोबारा बनाने के पैसे नहीं है। उन्होंने तो घरों में स्थाई सीढ़ी भी बनवा ली हैं। बारिश होते ही हजारों की संख्या में कीड़े-मकोड़े घरों में आ जाते हैं।
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