पश्चिम बंगाल में सोमवार को टीएमसी मनाएगी “खेला होबे दिवस”

पश्चिम बंगाल में सोमवार को टीएमसी मनाएगी “खेला होबे दिवस”

# जवाब में भाजपा निकालेगी शहीद सम्मान यात्रा

कोलकाता।
तहलका 24×7
                बंगाल में ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार 16 अगस्त को “खेला होबे दिवस” मनाने जा रही है। हाल में संपन्न बंगाल विधानसभा चुनाव में खेला होबे तृणमूल का प्रमुख चुनावी नारा था। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल में 16 अगस्त को हर साल पूरे बंगाल में “खेला होबे दिवस” के रूप में मनाने का एलान किया था। इसके बाद पहली बार आयोजित होने जा रहे खेला होबे दिवस को सफल बनाने के लिए राज्य सरकार जोर-शोर से जुटी हुई है। राज्य के खेल व युवा विभाग की ओर से इस अवसर पर राज्य के विभिन्न स्पोर्ट्स क्लबों व युवाओं के बीच एक लाख फुटबॉल वितरित किए जाएंगे। वहीं, राज्य सरकार के साथ सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस भी पार्टी स्तर पर बंगाल सहित देश के कई राज्यों में “खेला होबे दिवस” मनाने की तैयारी में है। बंगाल के अलावा त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश समेत कुछ राज्यों में इसे टीएमसी के बैनर तले मनाया जाएगा।

दूसरी ओर “खेला होबे दिवस” के जवाब में भाजपा की बंगाल इकाई सोमवार से राज्य में तीन दिवसीय शहीद सम्मान यात्रा निकालने जा रही है। दरअसल, भाजपा 16 से 18 अगस्त तक राष्ट्रीय स्तर पर जन आशीर्वाद यात्रा का आयोजन करने जा रही है, लेकिन बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा को देखते हुए मृतक कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि देने के लिए राज्य में इसका नाम बदलकर शहीद सम्मान यात्रा के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। इस यात्रा में बंगाल से केंद्र में चारों मंत्री सुभाष सरकार, जॉन बारला, शांतनु ठाकुर और निशिथ प्रमाणिक भी हिस्सा लेंगे और हिंसा में मारे गए पार्टी कार्यकर्ताओं के घर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। शहीद सम्मान यात्रा व बंगाल बचाओ सप्ताह के जरिए भाजपा एक बार फिर बंगाल में पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर कर लोगों का भरोसा जीतने व ममता बनर्जी को सख्त संदेश देने की कोशिश करेगी।

# भाजपा सहित कई हिंदू संगठनों को “खेला होबे दिवस” के दिन पर आपत्ति

16 अगस्त को खेला होबे दिवस मनाने पर भाजपा सहित कई हिंदू संगठनों ने पहले ही अपनी आपत्ति जता चुकी है। राज्य सरकार ने घोषणा की थी कि वह 16 अगस्त को उन फुटबॉल प्रशंसकों की याद में “खेला होबे दिवस” मनाएगी, जो 1980 में एक मैच के दौरान मची भगदड़ में मारे गए थे। वहीं, भाजपा ने तृणमूल की इस योजना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि मुस्लिम लीग ने 1946 में इसी दिन प्रत्यक्ष कार्रवाई दिवस मनाने की घोषणा की थी, जिसके परिणामस्वरूप कलकत्ता (अब कोलकाता) में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी। भाजपा का कहना है कि 16 अगस्त को “खेला होबे दिवस” के रूप में चुनकर तृणमूल अन्याय एवं अत्याचारों के उस दौर को वापस लाना चाहती है। इससे पहले हाल में कई सनातन सन्यासियों व धर्मावलंबियों ने इस दिन पर आपत्ति जताते हुए राज्यपाल से इसकी शिकायत भी की थी। 
Previous articleवाराणसी : एडिशनल सीपी क्राइम सुभाष चंद्र दूबे को डीजीपी गोल्ड
Next articleजौनपुर : एसपी अजय साहनी को दूसरी बार मिलेगा वीरता पुरस्कार
तहलका24x7 की मुहिम... "सांसे हो रही है कम, आओ मिलकर पेड़ लगाएं हम" से जुड़े और पर्यावरण संतुलन के लिए एक पौधा अवश्य लगाएं..... 🙏