पूर्वांचल के होनहारों ने UPSC में लहराया परचम, खुशी से झूमा पूरा परिवार

पूर्वांचल के होनहारों ने UPSC में लहराया परचम, खुशी से झूमा पूरा परिवार

# जौनपुर, वाराणसी, सोनभद्र, मऊ, मिर्जापुर, गाजीपुर, भदोही और आजमगढ़ के दस होनहार को मिली सफलता

स्पेशल डेस्क।
रवि शंकर वर्मा
तहलका 24×7
            संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2020 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया गया है। कामयाब अभ्यर्थियों में पूर्वांचल के जौनपुर, वाराणसी, सोनभद्र, मऊ, मिर्जापुर, गाजीपुर और भदोही, आजमगढ़ के दस होनहार शामिल हैं। परिणाम आने के बाद से ही बधाइयों का तांता लग गया है। सफलता का परचम लहराने वाले अभ्यर्थियों का कहना है कि लक्ष्य को ध्यान में रखकर कड़ी मेहनत और गुरुजनों तथा माता-पिता के सहयोग के कारण उनको मुकाम हासिल हुआ है।
जौनपुर : ककोहियां, सिकरारा निवासी कुंवर आकाश सिंह को 128 वीं रैंक हासिल हुई है। जौनपुर के बालवरगंज निवासी चांदी के कारीगर राधेश्याम सोनी की बेटी शालू सोनी ने 379वीं रैंक हासिल की है। शालू ने दिल्ली में रहकर बिना कोचिंग के तैयारी की थी। शालू ने हाईस्कूल में 92 प्रतिशत और इंटर मीडिएट में 91 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। उनको तीसरे प्रयास में यूपीएससी में सफलता मिली है। कहा कि खुद पर भरोसा रखते हुए यदि सही दिशा में पढ़ाई की जाय तो सफलता अवश्य मिलेगी। जौनपुर के ही कुशाव गांव निवासी प्रभाकर सिंह भी सफल हुए हैं। उनको 650वीं रैंक मिली है।
वाराणसी : मेहनत और लगन से किया हुआ काम कभी जाया नहीं जाता। सफलताएं जरूर मिलती हैं। यह कहना है सिविल सेवा में 346वां रैंक लाने वाले बनारस रेल इंजन कारखाना परिसर निवासी सौरभ यादव का। धैर्य और मानसिक संतुलन बनाकर लक्ष्य की ओर अग्रसर रहते हुए सफलता प्राप्त करने वाले सौरभ यादव ने कहा कि जब तक लक्ष्य को प्राप्त न कर लें, तब तक उम्मीद और हिम्मत न छोड़े। आईआईटी रूड़की से बीटेक करने वाले सौरभ की प्रारंभिक शिक्षा गोरखपुर और अंबाला में हुई है। उन्होंने बताया कि पहले प्रयास में तो प्री में बाहर हो गया, दूसरी बार मेंस में नहीं पहुंच पाया। अपनी गलतियों से सीखा और तीसरे प्रयास में क्वालिफाई हुआ। मूलत: आजमगढ़ के रहने वाले सौरभ यादव के पिता रामदेव यादव पहले एयरफोर्स में थे और सेवानिवृत्त होने के बाद बरेका में जेई हैं। 
सोनभद्र : अनपरा के कुलडोमरी निवासी अविनाश अंशुल जायसवाल को 538वीं रैंक मिली है। उनके पिता श्याम किशोर जायसवाल राज्य विद्युत उत्पादन निगम में वरिष्ठ लिपिक के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। चोपन कस्बा निवासी हीरालाल प्रसाद वर्मा के पुत्र आशीष वर्मा ने यूपीएससी की परीक्षा में 393वीं रैंक हासिल की है। उन्हें तीसरे प्रयास में सफलता मिली है। आशीष का परिवार मूल रूप से गाजीपुर के मरदह थाना क्षेत्र का निवासी है। उनके पिता यहां चोपन में रेलवे में गॉर्ड के पद पर तैनात थे। सेवानिवृत्त होने के बाद से पूरा परिवार यहीं रहता है।
मऊ :मऊ के अभिषेक कुमार सिंह ने 240वीं रैक हासिल की है। सदर तहसील क्षेत्र के रतनपुरा निवासी अभिषेक ने  बैंक की नौकरी छोड़कर सिविल सर्विस की तैयारी शुरू की थी। उनको पीसीएस 2019 की परीक्षा में छठवीं रैंक हासिल हुई थी। उनके पिता बीएम सिंह और माता ऊषा सिंह उच्च प्राथमिक विद्यालय मुस्तफाबाद मेें सहायक अध्यापक हैं। 
मिर्जापुर : मड़वा धनावल गांव निवासी जयनारायण सिंह के इकलौते बेटे राकेश सिंह को दूसरे प्रयास में 412 वीं रैंक हासिल हुई है। अपने पहले प्रयास में ही राकेश सिंह ने 2020 में भी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की थी और आईआरएस के लिए चयनित हुए थे। 
भदोही : ज्ञानपुर निवासी डॉ. शुभम मौर्या का सिविल सर्विसेज में चयन हुआ है। उन्हें 241वीं रैंक मिली है। डॉ. शुभम का चयन सिविल सर्विसेज में इसके पहले भी हो चुका है। उस समय 576वीं रैक मिली थी। उस समय आईआईटीएस मिला था। वर्तमान में वह ट्रेनिंग कर रहे हैं।
गाजीपुर : मुहम्मदाबाद नगर पालिका परिषद के वार्ड नंबर सात निवासी किशलय को 526वीं रैंक मिली है।
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