बीते तीन दिन से लगातार मिल रहे मासूम, “गंगा” के बाद गाजीपुर में मिली नवजात बच्ची

बीते तीन दिन से लगातार मिल रहे मासूम, “गंगा” के बाद गाजीपुर में मिली नवजात बच्ची

गाजीपुर।
तहलका 24×7
                 उत्तर प्रदेश के गाजीपुर और आजमगढ़ जिले में पिछले तीन दिनों में अब तक तीन बच्चे लावारिस स्थिति में मिल चुके हैं। गुरुवार की सुबह गाजीपुर जिले में दूसरी बार बच्ची मिली है, जो नवजात है। इससे पहले बुधवार को आजमगढ़ जिले में एक तालाब के किनारे झाड़ियों में बच्चा मिला था। उससे पहले मंगलवार को गाजीपुर जिले में ही ददरी घाट पर गंगा में तैरते हुए लकड़ी के बक्से में 21 दिन की बच्ची मिली थी। उसे यूपी सरकार ने गोद ले लिया है।

# गाजीपुर में मिली दूसरी बच्ची

गाजीपुर जिले में गुरुवार की सुबह जखनियां थाना क्षेत्र में पुलिस गस्ती दल को झाड़ी में बच्ची मिली है। बच्ची को जखनियां सीएससी में रखा गया है और सीडब्ल्यूसी को सुपुर्द करने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिक्षक ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि बच्ची एकदम नवजात है। अभी इसके परिजनों की पहचान नहीं हो पाई है।

आजमगढ़ जिले में बुधवार को रानी की सराय थाना क्षेत्र के दिलौरी गांव स्थित तालाब के पास झाड़ियों में एक नवजात बच्चा रोता हुआ मिला। सुबह पोखरे के पास घूम रहे कुछ युवकों ने बच्चे के रोने की आवाज सुनी। मौके पर जाकर देखा तो एक नवजजात जमीन पर पड़ा रो रहा था। देखते-देखते वहां ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। गांव में तैनात चौकीदार ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्चे को कब्जे में लेकर उपचार के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। जहां बच्चे का उपचार चल रहा है और देखभाल जारी है।

# गाजीपुर में मिली बच्ची को यूपी सरकार ने लिया गोद

गाजीपुर जिले के ददरी घाट पर गंगा किनारे एक लकड़ी के बक्से में मंगलवार को गुल्लू मल्लाह को बच्ची मिली थी। बक्से में देवी-देवताओं के फोटो भी थे। साथ ही बक्से में एक जन्म कुंडली भी मिली। जन्मकुंडली में बच्ची का नाम गंगा लिखा हुआ था। मासूम को नाविक अपने घर ले गया। उसके परिजन बच्ची को पालना चाहते थे, लेकिन लोगों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस बच्ची को आशा ज्योति केंद्र ले गई।

लखनऊ में बुधवार को समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि गंगा में मिली बच्ची की देखभाल राज्य सरकार करेगी। बच्ची को बचाने वाले नाविक को सभी सुविधाएं दी जाएगी। वहीं गाजीपुर के जिलाधिकारी एमपी सिंह बच्ची को देखने जिला महिला अस्पताल गए। इसके बाद वह सीडीओ श्रीप्रकाश गुप्ता व अन्य अधिकारियों के साथ गुल्लू मल्लाह से मिलने उसके घर पहुंचे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार बच्ची के लालन-पालन से लेकर उसके भविष्य की सभी जरूरतों को पूरा करेगी। उन्होंने कहा, गुल्लू ने बहुत नेक काम किया है। उनके कार्य की प्रशंसा जिला से लेकर प्रदेश स्तर तक हो रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा नाविक ने बच्ची को बचाकर मानवता का उदाहरण दिया है। प्रदेश सरकार उन्हें धन्यवाद देते हुए आवास की सुविधा देगी। यदि उनके पास अपना आवास है तो पात्रता के अनुसार अन्य सुविधाएं दी जाएंगी। प्रदेश के सभी अधिकारी मानवता की मिसाल कायम करने वालों को प्रोत्साहित करें।
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