भूकंप के झटकों से हिला नेपाल, जमींदोज हुए सैंकड़ों घर, कई घायल

भूकंप के झटकों से हिला नेपाल, जमींदोज हुए सैंकड़ों घर, कई घायल

महराजगंज।
स्पेशल डेस्क
तहलका 24×7
                  पड़ोसी राष्ट्र नेपाल की राजधानी काठमांडू समेत कई पहाड़ी जिलों में बुधवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। तीन बार आए इस भूकंप से अब तक सैकड़ों घरों के ध्वस्त होने व कई लोगों के घायल होने की खबर है।

# ताबड़तोड़ आये तीन झटके

नेपाल के राष्ट्रीय भूकंप मापन केंद्र के अनुसार पहला झटका बुधवार की सुबह 5:42 बजे आया। जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.8 मापी गई। जिसका केंद्र लामजुंग जिला के बाझाखेत व भुलभुल गांव के बीच रहा। दूसरा झटका बुधवार सुबह 8:16 बजे व तीसरा झटका 8.26 बजे आया। जिसकी तीव्रता क्रमशः 5.3 व 4 रही। सबसे अधिक नुकसान लामजुंग जिले में हुआ है। प्रशासन व नेपाल सेना राहत व बचाव में जुट गई है। लामजुंग के सीडीओ होमप्रसाद ने बताया कि जिले में भूकंप से बड़ी संख्या में घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। जिसमें चार लोगों की घायल होने की सूचना मिली है। राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है।

# सीमा पर फायरिंग से दोनों तरफ पुलिस मुस्तैद

उधर, शस्त्र पुलिस फोर्स (एपीएफ) के जवानों द्वारा की गई फायरिंग में नेपाली युवक की मौत के बाद भारत-नेपाल सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है। सीमा पर दोनों देशों की पुलिस फोर्स मुस्तैद हो गई है। घटना की सूचना मिलने पर एसपी प्रदीप गुप्ता ने भी मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। कोरोना संक्रमण को लेकर प्रमुख नाके सील हैं। लेकिन नागरिकों का आवागमन पगडंडियों के रास्ते जारी है। लोगों की जरूरतों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां ढिलाई बरत रहीं हैं। 

नेपाल सीमा क्षेत्र में एपीएफ की गोली से युवक की मौत के बाद सीमा पर तनाव के साथ सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं हैं। जिससे जरूरत पर सीमा पार आने-जाने वाले लोगों की मुसीबतें बढ़ सकती हैं। कोरोना संक्रमण बढ़ने के बाद भारत नेपाल सीमा पर सतर्कता के लिए मुख्य रास्तों से आवागमन बाधित कर दिया गया है। जिससे लोगों की आवाजाही पगडंडियों के रास्ते हो रही है।

नेपाल के लोगों के लिए भारत का बहुआर, झुलनीपुर व लक्ष्मीपुर मुख्य बाजार है। भारतीय क्षेत्र के औरहवा, कनमिसवा, लाइन टोला, झुलनीपुर, रेंगहिया, लक्ष्मीपुर आदि गांवों के लोग नेपाल में खेती व अन्य कार्यों से जाते हैं। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था में लगे जवान व सीमावर्ती गांवों के लोगों के बीच कई बार झड़प भी हो चुकी है। इसी झड़प का नतीजा है कि गोली लगने से एक नेपाली युवक की मौत हो गई। अब लोगों को चिंता सता रही है कि तनाव के बीच कहीं सीमा पर आवागमन पूरी तरह बाधित न कर दिया जाए। अगर ऐसा हुआ तो लोगों के लिए मुश्किलें खड़ी हो जाएंगी।
Previous articleचक्रवात ताऊक्ते छोड़ गया मौत और तबाही का दर्दनाक मंजर, पी-305 के लापता लोगों में से 26 के शव मिले
Next articleसाम्प्रदायिक सौहार्द का प्रतीक गांजी मियां का मेला चढ़ा कोरोना की भेंट
तहलका24x7 की मुहिम... "सांसे हो रही है कम, आओ मिलकर पेड़ लगाएं हम" से जुड़े और पर्यावरण संतुलन के लिए एक पौधा अवश्य लगाएं..... 🙏