यूजीसी के विरोध में उतरे तहसील के अधिवक्ता
पिंडरा, वाराणसी।
नितेश गुप्ता
तहलका 24×7
यूजीसी संशोधन अधिनियम को लेकर बुधवार को तहसील के सवर्ण अधिवक्ताओं ने यूजीसी संशोधित बिल का जोरदार विरोध किया और एसडीएम को पत्रक दिया।वहीं केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।अधिवक्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम प्रतिभा मिश्रा को सौंपकर बिल को वापस लेने की मांग की।

ज्ञापन में कहा कि इसमें संशोधन से शिक्षण संस्थानों में एक वर्ग विशेष के छात्रों का शोषण किया जाएगा। यह बिल स्वर्ण छात्रों के करियर को समाप्त करने वाला बिल है।ऐसे काले कानून से न केवल विश्वविद्यालय, महाविद्यालय का माहौल दूषित होगा, बल्कि समाज में वर्ग संघर्ष का खतरा बनेगा।बिल में उच्च वर्ग के छात्र-छात्राओं को दूषित मानसिकता के तहत अपराधी मान लिया गया है।यूजीसी संशोधन बिल पर सत्ता पक्ष एवं विपक्ष एक साथ मौन हो गया है।

अधिवक्ताओं ने शिक्षण संस्थानों के लिए बनाए गए काले कानून को केंद्र सरकार से वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि बिल वापस नहीं होता है तो व्यापक आंदोलन होगा।इस दौरान अंकित मिश्रा, आलोक पाण्डेय, राजन सिंह, अश्वनी सिंह, श्यामशंकर सिंह, विजय शर्मा, संतोष सिंह, राजेश सिंह, नवीन सिंह, सरोज राय, अविनाश चौबे, सतीश पाण्डेय, अवनीश पाण्डेय, धर्मेंद्र सिंह, अमित शर्मा, संजय दुबे, विनय मिश्रा समेत दर्जनों अधिवक्ता उपस्थित रहे।








