योगीजी के मंत्री के सामने खुली 18 घंटे बिजली देने की पोल, टार्च की रोशनी में हुई बैठक

योगीजी के मंत्री के सामने खुली 18 घंटे बिजली देने की पोल, टार्च की रोशनी में हुई बैठक

जौनपुर।
विश्व प्रकाश श्रीवास्तव
तहलका 24×7
            यूपी में 18 घंटे बिजली देने के दावे के पोल योगी के मंत्री के सामने ही खुल गई। जौनपुर में अधिकारियों के साथ बैठक करने पहुंचे प्रभारी मंत्री उपेंद्र तिवारी के लिए जनरेटर चलाया गया लेकिन उसका भी डीजल खत्म हो गया। इसके बाद टार्च की रोशनी में बैठक का कोरम पूरा कराया गया।

जौनपुर के प्रभारी मंत्री उपेन्द्र तिवारी, मंत्री गिरीश चन्द्र यादव और बदलापुर के विधायक रमेश मिश्र के साथ सिकरारा ब्लाक मुख्यालय के सभागार भवन में जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, पुलिस अधीक्षक अजय कुमार साहनी, सीडीओ अनुपम शुक्ल के साथ जिले के सभी उच्चाधिकारियों के साथ देर शाम समीक्षा बैठक कर रहे थे। इलाके का ट्रांसफार्मर उड़ जाने के कारण पहले से बिजली गुल थी। बैठक के लिए जनरेटर चलाया गया था। अचानक जनरेटर का डीजल भी खत्म हो गया। जनरेटर बंद होते ही सभागार में अंधेरा छा गया।

सभागार में अंधेरा दूर करने के लिए जिलाधिकारी ने टार्च जलावाया। लगभग 15 मिनट तक टार्च की रोशनी में ही समीक्षा बैठक चली। इस दौरान ब्लाक कर्मियों ने आनन-फानन में तेल मंगाकर जनरेटर चलवाया। बिजली की हकीकत सामने आते ही मंत्री जी आग बबूला हो गए। एसडीओ से जवाब-तलब कर लिया लेकिन एसडीओ मंत्री के किसी भी प्रश्न का जवाब नहीं दे सके। मंत्री ने डीएम जौनपुर मनीष कुमार वर्मा से कहा कि आप देखिये कि इनके ऊपर क्या कार्यवाही करनी है।

# लो वोल्टेज और बिजली कटौती से किसान हैं परेशान

नहरों में भी पानी नहीं है बारिश भी समय पर नहीं हो रही है। इसके चलते खरीफ सीजन की प्रमुख फसल धान की खेती में करने वाले किसान इस समय परेशान हैं। लगातार हो रही बिजली कटौती के कारण धान की रोपाई करने में किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि सरकार ने प्रतिदिन 18 घंटे बिजली देने का वादा किया था लेकिन लो वोल्टेज के साथ बिजली कटौती खेती के लिए बड़ी मुसीबत बनी हुई है।

# डीजल महंगा होने से मुश्किल हुई धान की खेती

डीजल और पेट्रोल के बढ़े दामों ने किसानों की कमर तोड़ दी है। जनरेटर और ट्यूबवेल के भरोसे भी खेती करना मुश्किल हो गया है। डीजल और पेट्रोल के दाम आसमान छू रहे हैं। ऐसे में जो किसान जनरेटर के जरिए अपनी फसल की सिंचाई करते थे डीजल मंहगा होने के कारण उनकी लागत भी बढ़ गई है।
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